हिंदू राष्‍ट्र की मांग को लेकर परमहंस दास ने त्‍यागा अन्‍न-जल

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अयोध्या
भव्‍य राम मंदिर के लिए अनशन कर चर्चा में आए तपस्वी छावनी के संत परमहंस दास अब भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को लेकर फिर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका अनशन समाप्त नहीं होगा। अपनी इस मांग को लेकर वह छह महीने पहले ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और यूपी के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवगत करा चुके हैं। उनका कहना है कि अगर देश का बंटवारा धर्म के आधार पर नहीं हुआ तो बंटवारे का कोई औचित्य ही नहीं है। पाकिस्तान और बांग्लादेश का भारत में विलय करके अखंड भारत की घोषणा कर देनी चाहिए।

'यदि मांग अनुचित तो धर्म के आधार पर क्यों हुआ विभाजन'
अनशन पर बैठे परमहंस दास ने कहा कि आजादी के बाद धर्म के आधार पर देश का विभाजन हुआ था। मुस्लिमों को पाकिस्तान और बांग्लादेश दिया गया, लेकिन ये दोनों समुदाय अभी भी देश में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने के लिए वह सोमवार सुबह से ही अन्‍न- जल का त्याग करके अनशन पर हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांग अनुचित है तो उन्‍हें स्पष्ट किया जाए कि आखिरकार देश का विभाजन धर्म के आधार पर क्यों किया गया?

राममंदिर के लिए भी अनशन कर चुके हैं संत
परमहंस दास 1 अक्टूबर, 2018 से 12 अक्टूबर, 2018 तक राम मंदिर के लिए अनशन कर चुके हैं। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने लखनऊ पीजीआई में आकर जूस पिलाकर परमहंस दास का अनशन तुड़वाया था।