सरकार से बिजली कम्पनियों ने मांगे सब्सिडी के 9654 करोड़
भोपाल
कमलनाथ सरकार की इंदिरा गृह ज्योति योजना और इंदिरा किसान ज्योति योजना शिवराज सरकार ने बंद नहीं की है और इन योजनाओं के लिए सब्सिडी भी दी जा रही है। उधर उपभोक्ताओं की संपत्ति कुर्की और अन्य कार्यवाही को लेकर विवादों में आ रही विद्युत वितरण कम्पनियों ने सरकार से अपने घाटे की भरपाई के लिए 9654 करोड़ रुपए की बकाया सब्सिडी देने के लिए अफसरों के माध्यम से दबाव बनाया है।
राज्य सरकार ने बिजली की अलग-अलग स्कीम में विद्युत वितरण कम्पनियों को 9654.37 करोड़ रुपए नहीं चुकाए हैं। इसमें सबसे अधिक 4107.57 करोड़ रुपए इंदिरा किसान ज्योति योजना के बकाया हैं। इसके अलावा निशुल्क विद्युत प्रदाय योजना में 324.17 करोड़, कोविड 19 के 107.17 करोड़, सरल/इंदिरा गृह ज्योति योजना के 2403.76 करोÞड़ और व्हीलिंग प्रभार के 12.60 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना शेष है।
योजनाएं जिनमें सरकार देती है सब्सिडी: राज्य सरकार ने पिछले तीन सालों में बिजली सब्सिडी के रूप में विद्युत कम्पनियों को 29688.39 करोड़ रुपए सब्सिडी के रूप में दिए हैं। इसमें से वर्ष 2018-19 में 9355.65 करोड़, वर्ष 2019-20 में 13291.01 करोड़ और वर्ष 2020-21 में जनवरी मास तक 7041.63 करोड़ रुपए का भुगतान शामिल है।
निशुल्क विद्युत प्रदाय योजना में वर्ष 2018-19 में 3186.85 करोड़, वर्ष 2019-20 में 2305.27 करोड़ और वर्ष 2020-21 में जनवरी 21 तक 987.56 करोड़ रुपए की सब्सिडी सरकार ने बिजली कम्पनियों को दी है। इसी तरह टैरिफ सब्सिडी स्कीम में वर्ष 2018-19 में 6118.80 करोड़, वर्ष 2019-20 में 1557.18 करोड़ और चालू वित्त वर्ष में जनवरी तक 400 करड़ रुपए का भुगतान सब्सिडी के रूप में किया गया है। सरल/इंदिरा गृह ज्योति योजना के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में 50 करोड़, वर्ष 2019-10 में 2614.56 करोड़ और चालू साल में जनवरी तक 2677.85 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
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