राज्यपाल के निर्देश, प्लेगरिज्म डिटेक्शन सॉफ्टवेयर का करें इस्तेमाल
भोपाल
ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से छात्रों के रिसर्च व थीसिस की जांच की जाए। यह निर्देश मध्य प्रदेश की राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) आनंदीबेन पटेल ने भोपाल में आयोजित समन्वय समिति की बैठक में सभी कुलपतियों को दिए। उन्होंने कहा कि थीसिस और रिसर्च पेपर में साहित्यिक चोरी पर रोक लगाने के लिए प्लेगरिज्म डिटेक्शन सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाए। इसके माध्यम से छात्रों द्वारा जमा की गई थीसिस मौलिक है अथवा नहीं इसकी जांच की जा सकती है। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय जल्द से जल्द इस सॉफ्टवेयर का उपयोग करना शुरू कर दें।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि थीसिस और रिसर्च के संबंध में क्वालिटी कंट्रोल हो इसलिए यह निर्देश दिए गए हैं। छात्रों द्वारा जमा की गई थीसिस पूर्ण रूप से मौलिक और स्वविवेक से शोध पर आधारित होनी चाहिए। अगर छात्रों ने अपने थीसिस में किसी वेबसाइट या अन्य माध्यमों से थोड़ा भी कॉपी किया होगा तो वह भी शोधगंगा नामक इस प्लेगरिज्म सॉफ्टवेयर के माध्यम से पता चल जाएगा।
साथ ही राज्यपाल ने छात्रों को ऑनलाइन अंकसूची और प्रमाणपत्र देने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा दस्तावेज देरी से मिलने की वजह से भविष्य में रोजगार या पढ़ाई में आने वाली रुकावटों को खत्म करने के लिए यह निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके अलावा बैठक में मौजूद उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने नई शिक्षा नीति को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए विभिन्न विश्चविद्यालयों के कुलपतियों से तालमेल के साथ काम करने का आह्वान किया।
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