ब्रैडमैन का डेब्यू कभी याद नहीं करना चाहेगा ऑस्ट्रेलिया 

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नई दिल्ली 

ऑस्ट्रेलिया को 92 साल पहले ऐसा जख्म मिला, जो आज भी हरा है. उसे अपने प्रबल प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड से ऐसी हार मिली, जो रिकॉर्ड बुक में अब तक सबसे ऊपर दर्ज है. वह क्रिकेट की दुनिया के महानतम बल्लेबाज सर डोनाल्ड जॉर्ज ब्रैडमैन का पदार्पण टेस्ट था. दरअसल, ब्रैडमैन का आज ही के दिन (27 अगस्त) 1908 में ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स के कूटामुंड्रा में जन्म हुआ था. नवंबर 1928 में सर डॉन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकट में पदार्पण किया था. डॉन ब्रैडमैन के लिए वह डेब्यू टेस्ट तो यादगार नहीं रहा, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्बेन (30 नवंबर से 5 दिसंबर, 1928) में खेले गए उस टेस्ट के दौरान कुछ दिलचस्प आंकड़े सामने आए. अपने पदार्पण टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की ओर से सातवें नंबर पर उतरे डॉन ब्रै़डमैन ने पहली पारी में 18 रन बनाए. जबकि दूसरी पारी में छठे नंबर पर 1 रन ही बना पाए. इंग्लैंड ने उस ब्रिस्बेन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को करारी शिकस्त दी थी. अंग्रेजों ने वह मैच 675 रनों से जीता. दिलचस्प है कि टेस्ट मैच में सर्वाधिक रनों की जीत के मामले में आज भी यह वर्ल्ड रिकॉर्ड है. हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने 1934 में इंग्लैंड को 562 रनों से हराया, लेकिन 675 रनों का आंकड़ा आज भी उससे दूर है.
 
100 का एवरेज पाने से चूक गए ब्रैडमैन
आखिरी टेस्ट पारी में अपने करियर एवरेज को 100 तक ले जाने के लिए ब्रैडमैन को सिर्फ चार रनों की जरूरत थी. इंग्लैंड के विरुद्ध उस टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ब्रैडमैन दूसरी ही गेंद खेलते हुए बोल्ड हो गए. उनका वह ड्रीम विकेट इंग्लिश लेगब्रेक गुगली बॉलर एरिक होलीज को मिला. ब्रैडमैन टेस्ट करियर में 7000 रन बनाने से भी चूक गए. आखिरकार 52 टेस्ट मैचों में 99.94 की औसत से 6996 रन के साथ उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहा था. ब्रैडमैन ने टेस्ट क्रिकेट में 29 शतक और 13 अर्धशतक जमाए. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डॉन ने 234 मैचों में 95.14 के एवरेज से 28067 रन बनाए, जिसमें उनके नाम 117 शतक और 69 अर्धशतक दर्ज हैं. क्रिकेट के इस बादशाह ने 25 फरवरी 2001 को 92 वर्ष 182 दिन की उम्र में अंतिम सांस ली.