बांग्लादेश यात्रा के दौरान विदेश सचिव ने कोविड स्थिति, सुरक्षा मुद्दों, बाड़बंदी पर चर्चा की

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नई दिल्ली
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला की इस सप्ताह हुई बांग्लादेश यात्रा के दौरान कोविड-19 महामारी से निपटने में सहयोग, सीमापार अपराध को रोकने के प्रयासों, बाड़बंदी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई तथा विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय तंत्र स्थापित करने के प्रस्ताव भी किया गया। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला 18-19 अगस्त 2020 को ढाका की यात्रा पर गए थे। इस दौरान उन्होंने बुधवार को अपने बांग्लादेशी समकक्ष मसूद बिन मोमिन के साथ चर्चा की। इससे एक दिन पहले उन्होंने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि इस यात्रा में आपसी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उपयोगी चर्चा हुई। यह पूछे जाने पर कि क्या बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान तीस्ता जल बंटवारा, नागरिकता संशोधन कानून, राष्ट्रीय नागरिक पंजी जैसे विवादित मुद्दों पर भी चर्चा हुई, श्रीवास्तव ने इसका उत्तर नहीं में दिया। भारत में फंसे बांग्लादेश के तबलीगी जमात के सदस्यों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मोमिन ने माना कि बांग्लादेश के तबलीगी जमात के अधिकतर लोग घर लौट गए हैं। उन्होंने कहा कि हम संबद्ध प्राधिकार के साथ काम करना जारी रखेंगे ताकि शेष लोग भी वापस जा सकें।

लॉकडाउन के दौरान वीजा संबंधी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के कारण भारत में फंसे दूसरे देशों के तबलीगी जमात के सदस्यों के बारे में एक सवाल के जवाब में श्रीवास्तव ने कहा कि उन पर जुर्माना लगाया गया और उनसे देश छोड़ने को कहा गया है। प्राप्त सूचना के अनुसार 1,030 विदेशी तबलीगी सदस्यों को छोड़ा गया है और संबंधित विदेशी उच्चायोगों को इसकी जानकारी दे दी गई है। इनमें से 550 लोग देश छोड़ चुके हैं। बहरहाल, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला की बांग्लादेश यात्रा के बारे में श्रीवास्तव ने कहा कि दौरान कोविड-19 से निपटने में सहयोग, सीमापार अपराध को रोकने के प्रयासों, बाड़बंदी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई । इस दौरान कोविड-19 संबंधी टीके के मुद्दे पर भी चर्चा हुई । भारत ने बांग्लादेश को कोविड के संबंध में सहायता प्रदान की है और दक्षेश देशों के नेताओं की वीडियो कांफ्रेस के जरिये बैठक में बातचीत भी हुई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने दक्षेस आपात प्रतिक्रिया कोष के लिए 15 लाख डालर देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान रामपाल मैत्री बिजली संयंत्र, भारत बांग्लादेश मित्रता पाइपलाइन, अखौरा-अगरतला तथा चिलाहटी-हल्दीबाड़ी एवं खुलना- मोंगला रेल लाइन के बारे में भी चर्चा की गई। इन परियोजनाओं के अगले वर्ष पूरा होने की संभावना है।