तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र में बारिश से जुड़े हादसों में 31 की मौत, कर्नाटक में भारी नुकसान

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नई दिल्ली
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बुधवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं में 25 लोगों की मौत हो गयी, वहीं कर्नाटक में भारी बारिश हुई। पश्चिम बंगाल में बने गहरे दबाव के क्षेत्र के काकीनाडा तट से गुजरने के कारण दक्षिणी राज्यों में भारी तबाही हुई। महाराष्ट्र में सोलापुर जिले के पंढरपुर में भारी बारिश के कारण दीवार ढह जाने की एक घटना में एक परिवार के चार लोगों समेत छह लोगों की मौत हो गई। हैदराबाद में भारी बारिश से 15 लोगों की मौत हो गई, जिसके कारण शहर के कुछ निचले इलाकों में सड़कों पर जल भराव की स्थिति हो गयी। आंध्र प्रदेश में पिछले 48 घंटे में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी से बात की। प्रधानमंत्री ने भारी बारिश से प्रभावित दोनों दक्षिणी राज्यों को बचाव और राहत कार्यों में केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

हैदराबाद में मौत के अधिकतर मामले भारी बारिश की वजह से दीवार और घरों के गिर जाने से सामने आये। तेलंगाना सरकार ने बारिश की वजह से बुधवार और बृहस्पतिवार को यहां बाहरी रिंग रोड के क्षेत्र में आने वाले सभी निजी संस्थानों, दफ्तरों, अनावश्यक सेवाओं के लिए अवकाश की घोषणा की है। लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गयी है। शमशाबाद के गगनपहाड़ इलाके में एक मकान के गिर जाने से एक परिवार के तीन सदस्यों की मृत्यु हो गयी जिसमें एक बच्चा शामिल है। चंद्रायनगुट्टा थाना क्षेत्र में दीवार गिरने की दो घटनाओं में दस लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को बताया कि यहां भारी बारिश के कारण इब्राहिमपट्टनम इलाके में एक पुराने मकान की छत ढह जाने से 40 वर्षीय महिला और उसकी बेटी की मौत हो गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह साढ़े आठ से लेकर रात नौ बजे तक मेडचल मल्काजगिरि जिले के सिंगापुर टाउनशिप में 292.5 मिमी बारिश हुई और यदाद्री-भोंगीर जिले के वर्केल पाल्ले में 250.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। पुलिस दलों और एनडीआरएफ एवं जीएचएमसी के आपदा कार्रवाई बल (डीआरएफ) कर्मियों ने उन स्थानों से कई परिवारों को बाहर निकाला, जहां पानी भर गया था। कई इलाकों में बचाव कार्य जारी है। इस बीच, नगर निकाय एवं पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपने घरों से बाहर नहीं निकलने को कहा है। जीएचएमसी आयुक्त डीएस लोकेश कुमार ने जर्जर इमारतों या झोंपड़ियों में रह रहे लोगों से परिसर खाली करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि लोगों को सामुदायिक भवनों में अस्थायी निवास मुहैया कराया गया है। कर्नाटक में कावेरी नदी के सभी बड़े बांधों में जलस्तर काफी अधिक है। अधिकारियों ने कहा कि कलबुर्गी, यादगिर और बीदर अत्यधिक जलप्रवाह से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। जिले के आलंद तालुक में सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इस वर्ष ला नीना की स्थितियों की वजह से सर्दी अधिक हो सकती हैं। उन्होंने कहा, ''चूंकि ला नीना की स्थिति कमजोर है, इसलिए हम इस वर्ष ज्यादा ठंड की उम्मीद कर सकते हैं। अगर शीत लहर की स्थिति के लिए बड़े कारक पर विचार करें तो अल नीनो और ला नीना बड़ी भूमिका निभाते हैं। वह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की तरफ से 'शीत लहर के खतरे में कमी पर आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।'' उन्होंने कहा, ''शीत लहर की स्थिति के लिए ला नीना अनुकूल होता है जबकि अल नीनो की स्थिति इसके लिए सहायक नहीं होती।'' सर्दियों में वायु प्रदूषण के उच्च स्तर से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की निगरानी के लिए दिल्ली सचिवालय में 10 सदस्यीय विशेषज्ञ दल के साथ एक 'ग्रीन वार रूम स्थापित किया गया है।''