गाय के गोबर से बना चिप घटाएगा मोबाइल का रेडिएशन: राष्ट्रीय कामधेनु आयोग

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नई दिल्ली
 ऐसा माना जाता है कि देसी गाय के गोबर और मूत्र में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं. वहीं राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (Rashtriya Kamdhenu Aayog) के अध्यक्ष वल्लभभाई कथीरिया ने कहा है कि देसी गाय का गोबर अब आपको खतरनाक मोबाइल रेडिएशन (Mobile Radiation) से भी बचाने का काम करेगा. उन्होंने सोमवार को गाय के गोबर से बने चिप (Mobile Chip) का अनावरण भी किया. इस चिप को लेकर दावा किया गया है कि ये मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशन की मात्रा को कम कर देती है.

वल्लभभाई कथीरिया ने गोबर से बने उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 'कामधेनु दीवाली' प्रोग्राम की लॉन्चिंग के दौरान ये बातें कही. 'गौसत्व कवच' चिप के बारे में उन्होंने कहा, 'ये एक रेडिएशन चिप है, जिसे आप अपने मोबाइल में रख सकते हैं. अगर आप बीमारी से बचना चाहते हैं, तो इसका इस्तेमाल जरूर करें.' 'गौसत्व कवच' को राजकोट की श्रीजी गौशाला ने डेवलप किया है.

ये चिप रेडिएशन को 90 फीसदी तक कर देगी. शुरुआती ट्रायल में ये सफल रहा है. पुराने मेमोरी कार्ड के आकार की इस चिप में देशी गायब का गोबर भरा जाएगा, जो आपको रेडिएशन से बचाएगा.

कथीरिया ने बताया कि 500 से ज्यादा गौशालाएं ऐसी एंटी रेडिएशन चिप बना रही हैं. इन्हें 50 से 100 रुपये में खरीदा जा सकता है. एक गौशाला तो ऐसे चिप अमेरिका में भी निर्यात कर रही है. वहां इसे करीब 10 डॉलर में बेचा जा रहा है.

'गौसत्व कवच' के बारे में वल्लभभाई कथीरिया ने आगे कहा, 'कुछ दिनों पहले अक्षय कुमार ने कहा था कि उन्होंने गाय का गोबर खाया है. आप इसे खा सकते हैं, क्योंकि ये एक औषधि है. वैसे भी लोग औषधि के तौर पर गोमूत्र का इस्तेमाल करते ही आए हैं.' उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कामधेनु आयोग उन विषयों पर रिसर्च करना चाहता है, जिसे लोग मिथक मानते हैं. जल्द ही इसपर एक प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा.

चिप पर काम कर रहे विशेषज्ञों की मानें तो अब तक हुए रिसर्च में देसी गाय के गोबर को मोबाइल रेडिएशन के प्रभाव को रोकने में कारगर पाया गया है. चिप को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसमें गोबर भरने के बाद दुर्गंध नहीं आएगी. इसे मोबाइल फोन के पीछे लगाया जाएगा. चिप में गोबर भरा जाएगा जो एक हफ्ते तक रेडिएशन से बचाएगा. इसके बाद गोबर को बदलना पड़ेगा.