टीका उत्सव: शहर में 3.83 डोज में से सिर्फ 19 हजार ने पैसे देकर लगवाई वैक्सीन
भोपाल
आज से प्रदेश भर में टीका उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 14 अप्रैल तक 50 हजार लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य अकेले भोपाल में रखा गया है। सरकारी सेंटर्स पर बढ़ रही टीका लगवाने की भीड़ को कम करने के लिए वैक्सीनेशन सेंटर्स बढ़ाए गए। लगभग 180 सेंटर्स पर रोजाना टीके लगाए जा रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी में ये सामने आया कि खुद के पैसे देकर प्रायवेट सेंटर्स पर लोग टीका लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं। शुक्रवार तक के आंकडों पर गौर करें तो भोपाल जिले में कुल 3,83,022 डोज लगाए गए हैं। इनमें से सिर्फ 5.09 फीसदी यानि 19480 लोगों ने अपने पैसे देकर प्रायवेट सेंटर्स पर टीके लगवाए। सरकारी टीकाकरण केन्द्रों पर 94.91 फीसदी यानि 3,63,542 लोगों को टीके लगे हैं।
शहर के कोलार, शाहपुरा सहित कई वार्डों में 19 अप्रैल तक लॉकडाउन किया गया है। इसको देखते हुए एचएनएम की मिशन संचालक ने आदेश जारी करते हुए लॉकडाउन के दौरान टीकाकरण दल के सदस्यों और टीका लगवाने वाले हितग्राहियों को आने-जाने की छूट दी गई है। लेकिन कर्मचारियों को अपना परिचय पत्र और टीका लगवाने हितग्राहियों को अपनी फोटोयुक्त आईडी साथ रखनी होगी।
डेटाबेस में हुई बढोत्तरी के बाद स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइनर्स के टीकाकरण हेतु पंजीयन बंद कर दिए गए थे। इसके बाद 45 साल से अधिक आयु के लोगों और हेल्थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइनर्स का वैक्सीनेशन शुरू किया गया। लेकिन अब 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइनर्स के सिर्फ सरकारी केन्द्रों पर ही आॅनसाइट पंजीयन होगा। लेकिन इसके लिए कर्मचारी को हेल्थकेयर वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर होने का एम्पलाई आईडी प्रस्तुत करना होगा। फर्जी आईडी देने वाले विभाग, संस्थान और टीकाकरण केन्द्र पर इसकी जांच में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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