बनना चाहता था आईएएस अधिकारी, घूमने के शौक ने बनाया मुजरिम

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गोवा घूमने की चाह ने बना दिया अपराधी, खुद के अपहरण की रची साजिश पुलिस ने किया पर्दाफाश

awdhesh dandotia
मुरैना। एक युवक पर गोवा घूमने की सनक इस कदर सवार हुई कि उसने खुद अपने ही अपहरण की कहानी रची डाली और इस फर्जी अपहरण कांड में उसने एक, दो नहीं पूरे 50 लाख की फिरौती मांगी थी। इससे पहले कि सनकी युवक के मंसूबे पूरे होते पुलिस महकमे की तत्परता ने उसके अरमानों पर पानी फेर दिया और अब वह युवक खुद के अपहरण की कहानी रचने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंच गया है।

घूमने का शौक पूरा करने रची साजिश
जिले के पोरसा कस्बा में युवक नागेंद्र के सनसनीखेज अपहरण और 50 लाख की फिरौती मांगे जाने के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अपहरण की पूरी स्टोरी ही फर्जी निकली क्योंकि नागेन्द्र का अपहरण किसी और ने नहीं किया था। बल्कि उसने ही घूमने का शौक पूरा करने के लिए अपने अपहरण की साजिश रची थी। ताकि वह अपने दोस्तों के साथ गोवा घूमने जा सके। फिलहाल पुलिस ने खुद के अपहरण रचने वाले युवक ज्ञानेंद्र को ढूंढ निकाला है और फर्जी अपहरण साजिश रचने के तहत उस पर कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार युवक नागेंद्र अपने दोस्तों के साथ गोवा घूमने जाना चाहता था और उसे किसी ने गोवा घूमने के लिए 3 लाख का खर्चा बताया था। इतनी बड़ी रकम उसे आसानी से घर से नहीं मिल सकती थी। इसलिए उसने अपना शौक पूरा करने के लिए खुद के अपहरण की कहानी रच डाली और पोरसा से अटेर होता हुआ भिंड जिले में जा पहुंचा जहां से उसने अपने पिता को 50 लाख की फिरौती का कॉल किया था।

पुलिस ने कैसे किया फर्जी अपहरण का खुलासा
पुलिस ने जब इस पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू की तो जिस फिटनेस जिम में यह घर से कह कर गया था। पुलिस ने अपनी जांच वहीं से शुरू की और वहां लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने ने शुरू किए। जिसमें युवक नागेंद्र के हाव भाव पुलिस को संदिग्ध नजर आए। जिसके बाद मुखबिर तंत्र को एक्टिव किया गया। आखिरकार मुखबिर से सूचना मिली की युवक नागेंद्र अटेर में कहीं हो सकता है। इस पर पुलिस लोकेशन की ओर रवाना हो गई। रास्ते में अटेर रोड पर पेट्रोल पंप के पास संदिग्ध युवक पुलिस को नजर आया । पुलिस ने तुरंत उसकी पहचान कर उसे अपनी हिरासत में ले लिया। जब उससे पूछताछ हुई तो उसने इस बात का खुलासा किया,कि उसे गोवा जाने के लिए 3 लाख की जरूरत थी। इसलिए उसने अपने अपहरण की साजिश रची थी। हालांकि पुलिस ने नागेंद्र को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन पुलिस ने ऐसी आशंका जताई है,कि इस फर्जी अपहरण साजिश में आरोपी के साथ उसके और भी साथी शामिल हो सकते हैं। पुलिस एंगल पर भी जांच कर रही है। आरोपी युवक लॉकडाउन से पहले ग्वालियर में रहकर आईएएस की तैयारी कर रहा था।

क्या था पूरा मामला…
पोरसा कस्बा के अनिरुद्ध का पुरा में रहने वाले रिटायर्ड फौजी शिवराज माहौर ने अपने 22 वर्षीय इकलौते बेटे नागेंद्र की अपहरण की शिकायत पोरसा थाने में दर्ज यह कहकर करवाई थी कि उनका बेटा बुधवार को जिम जाने की कहकर घर से निकला था। लेकिन देर रात तक घर नही आया है। सबसे पहले उन्होंने अपने स्तर पर ही नागेंद्र की खोजबीन शुरू की। लेकिन जब कई बार उसके मोबाइल नंबर पर फोन लगाने पर भी कॉल रिसीव नहीं हुआ। तो हार थक कर नागेंद्र के पिता ने पुलिस थाने में जाकर उसके गुम होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन गुरुवार को अज्ञात व्यक्ति ने नागेंद्र के पिता शिवराज को मोबाइल पर उनके बेटे का अपहरण करने की बात बताई और धमकाया कि उसे छोडऩे के एवज में 50 लाखों रुपए देने होंगे। जिसके बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। और प्रारंभिक जांच पड़ताल में युवक नागेंद्र की बाइक एक खेत में पड़ी मिली थी।

पिता ने बेटे को बताया बेगुनाह, पुलिस कार्रवाई पर उठाये सवाल
अपहृतकर्ता नागेन्द्र के पिता के मुताबिक उनका बेटा शाम 4.00 बजे जिम करने की कहकर घर से निकला था उसके बाद से वह लापता हो गया। उसके बाद दूसरे दिन सुबह 4 बजे अपहृरणकर्ता का मेरे बेटे के मोबाइल से मेरे मोबाइल पर फोन आया और मुझसे 20 मिनट बात कर मुझसे 50 लाख की फिरौती मांगी। जिस किसी शख्स ने फिरौती मांगी थी वह मेरा बेटा नहीं था उसकी आवाज अलग थी। अगर मेरा बेटा दोषी है तो उस शख्श को क्यों नहीं पकड़ा गया जिसने मुझे फोन लगाया था। जब मैंने अपने बेटे से मिलने की कोशिश की तो पुलिस ने मिलने से मना कर दिया। मेरे बेटे का एटीएम व मोबाइल गायब है इस बारे में जब पुलिस से पूछा तो उन्होंने कहा कि हमारे पास कोई सामान नहीं है। मेरी वरिष्ठ अधिकारियों से निवेदन है कि उक्त मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।