भोपाल, राज्य सरकार विधानसभा के बजट सत्र में सवा दो लाख करोड़ का बजट पेश करेगी। इसके लिये वित्तीय वर्ष 20-21 के बजट अनुमान के मसौदे पर कैबिनेट में चर्चा होने थी, लेकिन सतना बस हादसे के चलते ऐन वक्त पर कैबिनेट बैठक टाल दी गई। प्रदेश सरकार अब बजट अनुमान पर चर्चा के लिए आपात बैठक बुला सकती है।
गौरतलब है कि आज राज्य मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक का आयोजन होना था। इस बैठक में फरवरी में होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के मसौदे पर भी चर्चा की जाना था, वहीं सोलह हजार करोड़ प्रथम अनुपूरक अनुमान का भी अनुमोदन भी होना था।
इसे अध्यादेश के जरिए लाया गया था। मध्यप्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 21-22 के विवरण पर भी मंत्रिपरिषद के सदस्योें ने चर्चा की जाना थी। इस बार किसानों को बिना ब्याज के कर्ज देने के लिए आठ सौ करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए तीन हजार करोड़ की व्यवस्था की जाएगी। अंशदायी पेंशन योजना में सरकार का अंशदान दस से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया जाना प्रस्तावित है। किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जाने के लिए भी एक हजार करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।
राजस्व न्यायालयों का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है। इसके विस्तार के लिए पुनरीक्षित प्रस्ताव की प्रशासकीय मंजूरी देने के लिए भी कैबिनेट में चर्चा की जानी थी, लेकिन कैबिनेट बैठक टलने से यह मामला भी अटक गया है। उधर, सड़क परिवहन निगम की गुना स्थित बीनागंज की सम्पत्ति 7 करोड़ 58 लाख रुपए में अधिकतम बोली लगाने वाले निविदाकर्ता को बेचने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा प्रस्तावित थी।