नक्सलियों ने फूंका वन विभाग के फेंसिंग पोलो का जखीरा

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rafi ahmad ansari
बालाघाट। जिले में नक्सली गतिविधियां चरम पर बढ गई है। आये दिन कुछ न कुछ हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। नक्सलियों की उपस्थिति को लेकर सुत्रो के हवाले के अनुसार इस अखबार के द्वारा खबर का प्रकाशन कर शासन प्रशासन के संज्ञान में लाया जा रहा है। इसी दौरान माओवादी नक्सलियों के द्वारा वनो की सुरक्षा के लिये जंगलो को बार्वेट तार से पोलो के माध्यम से जो फेंसिग का कार्य किया जा रहा है उसे क्षतिग्रस्त भी कर रहे है। पूर्व में इस आशय की खबर इस अखबार के द्वारा प्रकाशित कर शासन प्रशासन के संज्ञान में लाया जा चुका है। फिर भी नक्सली हिसंक वारदातो को अंजाम देते आ रहे है। इसी तरह की एक घटना किरनापुर क्षेत्र के कलकत्ता से बोदालझोला रोड पर घटित हुई है जहां वन विभाग के द्वारा वनो की सुरक्षा को लेकर रखे गये फेंसिग पोलो के जखीरे को आग के हवाले कर दिया, जिससे सौकडो पोल जल गये। यह घटना 13 अक्टूबर की तडके की बताई जा रही है। जिसकी पुष्टी वन विभाग के द्वारा भी की गई है।

जानकारी के अनुसार किरनापुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बटकरी बीट के क्रक्ष क्रमांक 212 में बोदालझोला मार्ग पर अज्ञात नक्सलियों के द्वारा वन विभाग के फेसिंग पोल में आग लगा दी गई जिससे पोल जलकर राख हो गई। बताया जा रहा है कि 535 नग लिफटीन प्रजाती के पेड की फेंसिंग पोल के दो ढेर में जमा कराई गई थी जिन्हे आग लगा दिया गया। आग लगने की सुरक्षा विभाग के अधिकारीयों और कर्मचारियों को दी गई। जहां सुचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों ने मौका स्थल पर पहुंचकर मुआयना किया और घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना किरनापुर में दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की दी है।

ज्ञात रहे कि पिछले वर्ष भी दक्षिण उकवा वन परिक्षेत्र के मुंडा बीट में दहियान के समीप वन विभाग के द्वारा रखे गये बार्वेट तार को नक्सलियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इसी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत राशिमेटा बीट में भी फेंसिग के लिये लगायें गये बार्वेट तार को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था, जिसकी जानकारी हमारे द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। नक्सलियों की यह करतूत एक बार फिर आंतक का पर्याय बन रही है।