अधिकारियों की मनमानी से फ्लॉप साबित हो रही है सीएम हेल्पलाइन की सेवा

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लोगों का 181 से उठ रहा भरौसा, अधिकारी मनमाने ढंग से शिकायत को फोर्सली कर रहे बंद

amjad khan

शाजापुर। लोगों की समस्या का शीघ्रता से समाधान किए जाने के उद्देश्य से मप्र शासन द्वारा सीएम हेल्पलाइन की व्यवस्था शुरू की गई, जिसे तीन साल से अधिक का समय बीत चुका है। जनहितैषी इस सेवा पर शुरुआती दौर में कचरा-कूड़ा, नाली की साफ-सफाई जैसी शिकायतें करने पर तत्काल कार्रवाई हुई और शिकायतकर्ताओं की समस्या का निराकरण किया गया, लेकिन समय के साथ सीएम हेल्पलाइन की सेवा अधिकारियों की मनमानी की भेंट चढ़ गई है। सीएम हेल्पलाइन को लेकर प्रशासन द्वारा दावे किए जा रहे हैं कि अब तक हजारों लोगों की समस्या का समाधान डायल 181 पर शिकायत करने से किया गया है, जबकि शाजापुर जिले में सैकड़ों शिकायतों को स्पेशल क्लोज कर दिया गया जिससे कारण शिकायतकर्ताओं की संतुष्टी के बिना ही शिकायत बंद हो गई है।

उल्लेखनीय है कि जिले में अधिकारियों की मनमानी के कारण देखने में आ रहा है कि सीएम हेल्पलाइन पर कोई बड़े मामले की शिकायत करता है तो उसे गंभीरता से नही लिया जा रहा है। इस योजना के शुरू होने से लोगों में आस जागी थी कि अब उनकी समस्याओं का शीघ्र ही समाधान होगा, किंतु सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने से अब कोई निराकरण नही है। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने वाले लोगों में से हर दूसरा व्यक्ति कहता है कि उक्त सेवा पर कॉल करने से कुछ नही होता है, क्योंकि अधिकारी अपनी कुर्सी पर बैठकर ही निराकरण अपडेट कर देते हैं और शिकायतकर्ता द्वारा असंतुष्टि जताने पर शिकायत को फोर्सली बंद कर दिया जाताा है। खासकर नगरपालिका, शिक्षा विभाग में इस तरह के मामले अधिक देखने में आ रहे हैं। महत्वपूर्ण सेवा डायल 181 पर आई शिकायत के निराकरण में अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे लोगों का अब सीएम हेल्पलाइन से भी विश्वास हटता जा रहा है। यही कारण है कि कई लोगों को शिकायत दर्ज कराए पूरे 4 माह बीत गए हैं, लेकिन समस्या का निराकरण नही किया गया और भ्रामक जानकारी देकर अधिकारियों ने शिकायत को फोर्सली बंद कर दिया गया।

लंबित पड़ी हैं शिकायतें
जिलेभर में एल 1, एल 2, एल 3 और एल 4 की शिकायतें लंबित पड़ी हुई है इनका निराकरण करवाने के लिए जिले के किसी भी अधिकारी का ध्यान नही है। कई बार कलेक्टर द्वारा समय सीमा में शिकायत का निराकरण करने के लिए कहा गया, लेकिन अधिकारियों ने कलेक्टर के आदेश को तवज्जो नही दिया और अपने ही मनमाने तरीके से शिकायत को फोर्सली बंद करा दिया गया। हाल ही में बच्चों से प्रवेश शुल्क के नाम पर वसूली गई राशि की शिकायत को शिक्षा विभाग द्वारा मनमाने तरीके से बंद करा दिया गया। वहीं नगरपालिका द्वारा भी कई शिकायतों को बिना निराकरण के ही भ्रामक जानकारी देकर फोर्सली बंद कराए जाने की तैयारी की जा रही है।

सीएम ने किए थे दावे
गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन की शुरूआत में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने दावा किया था कि भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर शिकायतकर्ता को 48 घंटे के भीतर जवाब मिलेगा। सामान्य शिकायतों का निराकरण 7 दिन के भीतर करने का प्रयास किया जाएगा। शिकायत का समाधान होने पर शिकायतकर्ता को एसएमएस से सूचना दी जाएगी और बिना शिकायकर्ता की संतुष्टि के शिकायत को बंद नही किया जाएगा, लेकिन शाजापुर में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को अधिकारी गंभीरता से नही ले रहे हैं जिसके कारण अब यह सेवा भी फ्लॉप साबित होती जा रही है। इस मामले में जिला कलेक्टर दिनेश जैन से फोन पर चर्चा करनी चाही, लेकिन उन्होने कोई जवाब नही दिया।