शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी को मुख्यमंत्री ने दी अंतिम विदाई

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पत्नी को सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा

atul kanchni

सतना। कश्मीर घाटी में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए सतना के धीरेंद्र त्रिपाठी को अंतिम विदाई देने हजारों की संख्या में लोग उनके गांव में पहुंचे हैं। शहीद को श्रद्धांजली देने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मंत्री विश्वास सारंग सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी पहुंच गये। जहां सीएम ने ऐलान किया कि प्रदेश सरकार की ओर से शहीद की पत्नी को सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही गाँव मे शहीद की प्रतिमा भी स्थापित की जायेगी।

शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी का अंतिम संस्कार उनके गृह ग्राम में किया गया। पहले पूरे सीएम सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी। फिर पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। गांव से सपूत के अंतिम संस्कार में शामिल होने बड़ी संख्या में आसपास के गांव के लोग भी पहुंचे थे। जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि प्रदेश सरकार की ओर से शहीद की पत्नी को सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही गांव में शहीद की प्रतिमा भी की स्थापित जायेगी।

कश्मीर में सीआरपीएफ के जांबाज धीरेन्द्र मिश्रा ने अंतिम सांस तक आतंकियों से लोहा लिया और वीरगति को प्राप्त हो गये। दरअसल सीआरपीएफ 110 बटालियन के जवान और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों के साथ कांधीजाल पुल के पास रोड ओपनिंग आपरेशन में जुटे थे, तभी आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों के इस हमले 5 जवान घायल हो गए। इन सभी जवानों को सेना के 92 बेस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो जवानों को मृत घोषित कर दिया। इनमें सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के पडिय़ा कि माटी का लाल धीरेन्द्र त्रिपाठी भी शामिल थे।
शहीद के पिता रामलेश त्रिपाठी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में ही सहायक उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। फिलहाल उनकी पोस्टिंग बालाघाट में हैं। शहीद जवान की मां उर्मिला त्रिपाठी और परिवार के लोग गांव में रहते हैं। शहीद के परिवार में मां के अलावा पत्नी साधना त्रिपाठी, 3 वर्ष का बेटा कान्हा और छोटी बहन रेनू त्रिपाठी हैं। धीरेन्द्र का विवाह 4 वर्ष पूर्व रीवा के रायपुर कर्चुलियान में हुआ था।