भाजपा ने मानसून सत्र को लेकर बनाई रणनीति

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रायपुर, विधानसभा के मानसून सत्र के लिए रणनीति बनाने बुलाई गई बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई. बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधानसभा में उठाने के लिए मुद्दों की फेहरिस्त इतनी है कि चार दिनों का सत्र छोटा पड़ेगा. कोयला से लेकर रेत, रेत से लेकर शराब और शराब से लेकर कोविड 19 की अव्यवस्था, अलग-अलग मुद्दे हैं. हम इन सभी मुद्दों को विधानसभा में उठाएंगे.

डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि भय और आतंक का राज छत्तीसगढ़ में चल रहा है. रेत माफिया, शराब माफिया, भू माफियाओं का आतंक है. कोविड-19 के इलाज की व्यवस्था सिर्फ कागजों में हो रही है. न तो बेहतर तरीके से टेस्ट की व्यवस्था हुई और न ही व्यवस्था को दुरुस्त करने में सरकार की दिलचस्पी दिखी. छत्तीसगढ़ देश का अकेला राज्य होगा, जहां क्वारेंटाइन सेंटर्स में सांप के डसने से मौत हो रही है. फांसी लगाकर मौत हो रही है. सेंटरों में लोग इतने प्रताड़ित हो जा रहे हैं कि आत्महत्या करने और भागने के लिए लोग मजबूर हो रहे है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के सारे काम ठप पड़े हैं. एफआरबीएम एक्ट में पहले 3 फीसदी से बढ़ाकर 6 फीसदी और अब 6 फीसदी से ज्यादा कर्ज की सीमा बढ़ाने की मांग हो रही है. केंद्र की मदद के बाद भी पैसे का उपयोग नहीं हो रहा है. गोबर खरीदने से छत्तीसगढ़ का विकास नहीं हो सकता. एक तरफ गोबर को महत्व दे रहे हैं, दूसरी तरफ रोका-छेकी के बाद गायों की मौत हो रही है. जहां-जहां गौठान है, वहां न चारे की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था.

डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता का भरोसा सरकार से उठ गया है. लॉकडाउन में व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा सकता था. हॉस्पिटल को बेहतर किया जा सकता था, टेस्ट की फैसिलिटी बेहतर हो सकती थी, लेकिन ये व्यवस्था सिर्फ कागजों पर चलती रही. क्वारेंटाइन सेंटर्स में हो रही मौतों की जांच गंभीर है. इन सेंटरों को सरकार ने सरपंचों के भरोसे छोड़ दिया है.