हाटपीपल्या में भाजपा को अपनों से खतरा

0
4

जोशी के अलावा चार और नेताओं से भाजपा को खतरा

कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए आ रहे हैं मुख्यमंत्री

भोपाल। हाटपीपल्या सीट पर भी कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए मनोज चौधरी और कांगे्रस के राजवीरसिंह बघेल के बीच मुकाबले पर प्रदेश की नजर हैं। यहां नाराज चल रहे दीपक जोशी तो मना लिए गए हैं, लेकिन उनके अलावा स्थानीय चार और नेताओं से भाजपा को खतरा नजर आ रहा है। हालांकि भाजपा ने जिस तरह से यहां व्यवस्था बनाई है, उससे चारों को महत्व देकर उन्हें अलग-अलग मंडल का प्रभारी भी बना दिया गया है।

हाटपीपल्या विधानसभा में भाजपा संगठन की दृष्टि से चार मंडल हैं। 286 मतदान केन्द्रों की इस खाती और राजपूत बहुल विधानसभा से कांग्रेस ने मनोज चौधरी को उतारा था और वे जीते भी, लेकिन बाद में सत्ता परिवर्तन करने वाले विधायकों में से एक वे भी बने और भाजपा में आ गए। यहां संगठन ने जीतू जिराती को प्रभारी बनाकर भेजा है और देवास की विधायक गायत्रीराजे पंवार सहप्रभारी के रूप में हैं। जिराती और पंवार मिलकर चौधरी को जिताने की रणनीति तो बना ही रहे हैं, लेकिन नाराज नेताओं को लेकर भी निगाह रखी जा रही है। यहां मनोज चौधरी से हारे दीपक जोशी भाजपा की जीत में सबसे बड़ा खतरा थे, लेकिन पिछले दिनों मुख्यमंत्री से मिलने के बाद उनके सारे गिले-शिकवे दूर हो गए। यहां के स्थानीय नेताओं के रूप में रायसिंह सेंधव, बहादुर मुकाती, नरेन्द्र राजपूत और नंदकिशोर पाटीदार भी इस विधानसभा में अपना अच्छा रसूख रखते हैं और कहीं न कहीं वे भी चौधरी के टिकट से नाराज हैं। इन चारों को चार मंडलों का प्रभारी बनाकर अलग-अलग जवाबदारी सौंप दी गई है और वे काम भी कर रहे हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि संगठन यहां किसी प्रकार का कोई जोखिम लेना नहीं चाहता और कुछ ऐसे नेताओं को जासूस के रूप में तैनात कर रखा है, जो इन पर निगाह रखने का काम ही कर रहे हंै।

दीपक जोशी को भी इस तरह से काम में लगाया गया है कि वे मनोज चौधरी के सामने नहीं आएंगे और अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचार में लगे रहेंगे। आज मुख्यमंत्री शिवरासिंह चौहान भी हाटपिपलिया के क्षिप्रा मंडल में होने वाले सम्मेलन में पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए आ रहे हैं और इसके बाद भी उनके कुछ और कार्यक्रम हाटपीपल्या के अलग-अलग क्षेत्रों में तय किए गए हैं। इसके पहले वे बरोठा में एक सभा ले चुके हैं। खाती बहुल होने के कारण यहां प्रदेश भाजपा से खाती नेताओं की भी डिमांड भी की गई है।

मंत्री इंदरसिंह परमार को भी सौंपी है हाटपीपल्या की जवाबदारी
जिस तरह से पूरे प्रदेश की 28 सीटों पर सांसदों और मंत्रियों को जवाबदारी दी गई हैं, उसी को देखते हुए हाटपीपल्या की जवाबदारी स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री इंदरसिंह परमार को सौंपी गई है। वे भी लगातार बैठकें ले रहे हैं। जिराती भी पिछले दो दिनों से वहीं डेरा डाले हुए हंै। कल वे सीएम के कार्यक्रम के लिए इन्दौर आए थे और वापस रवाना हो गए। यह सीट चूंकि उज्जैन संभाग में आती हैं, लेकिन इन्दौर के बड़े नेता भी उस पर निगाह रख रहे हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्वमंत्री सज्जनसिंह वर्मा को इस सीट को जिताने की जवाबदारी दी गई है।