बिहार चुनाव: महागठबंधन में तेजस्वी यादव के सीएम उम्मीदवारी का विरोध

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पटना, बिहार में कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरों के बीच विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. चुनाव आयोग ने तीन चरणों में वोटिंग का ऐलान भी कर दिया है. इस बीच सत्ताधारी दल एनडीए को हराने को लेकर विपक्षी दल एकजुट होकर महागठबंधन के तहत चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं, लेकिन इस बीच आरजेडी द्वारा पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव को सीएम उम्मीदवार घोषित करने का विरोध भी शुरू हो गया है. महागठबंधन में शामिल कांग्रेस का कहना है कि महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे पर फैसला अभी तक नहीं लिया गया है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एनडीए से अलग होने वाली राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के उपेंद्र कुशवाहा ने बीते गुरुवार को कहा कि कांग्रेस राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन में ‘तेजस्वी यादव के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करेगी’. कुशवाहा ने कहा कि महागठबंधन में शामिल होने या न होने के सारे विकल्प उनके पास खुले हैं. हालांकि आरएलएसपी विधानसभा चुनावों में सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है.

विपक्ष को एकजुट करना चाहती है कांग्रेस
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने बीते शुक्रवार को कहा कि बिहार के लोग चाहते हैं कि विपक्ष नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार को बाहर करने के लिए एकजुट होकर लड़े और सभी दलों के लोगों की इच्छा का सम्मान हो. गोहिल ने कहा कि बिहार एक राजनीतिक रूप से जीवंत राज्य है और पार्टियों के बीच आपसी मतभेद होना स्वाभाविक है. गोहिल ने कहा कि “हमारी कोशिश यह सुनिश्चित करना है कि सभी समान विचारधारा वाले दल एक साथ रहें. बिहार की जनता बदलाव चाहती है. जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है. गोहिल ने कहा कि हमें लोगों की भावनाओं को समझना होगा और खराब शासन को दूर करने के लिए एकजुट होना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि हर पार्टी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, इसलिए कुछ जगहों पर मतभेद हो सकते हैं.
सीएम उम्मीदवार तय नहीं

गोहिल ने कहा कि कांग्रेस लगातार कुशवाहा के संपर्क में है. उन्होंने एनडीए छोड़ दिया. जबकि वे एनडीए सरकार में एक (केंद्रीय) मंत्री थे. उन्होंने एनडीए को करीब से देखा है. उन्होंने सिद्धांत की बात पर एनडीए छोड़ दिया. तेजस्वी यादव को सीएम चेहरे के रूप में प्रोजेक्ट करने के आरजेडी के फैसले पर गोहिल ने कहा कि हर पार्टी को अपने नेता को प्रोजेक्ट करने का अधिकार है. अगर आरजेडी ने अपना सीएम चेहरा घोषित किया है, तो किसी को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जब गठबंधन की बात आती है तो हम अपने सभी सहयोगियों से बात कर रहे हैं. सबसे चर्चा में उम्मीदवारी तय होगी.

..तो बिना सीएम उम्मीदवार के लड़ेंगे
गोहिल ने कहा कि गठबंधन के साथी चर्चा करेंगे और चुनाव से पहले सबकी सहमति से एक सीएम चेहरे की घोषणा की जाएगी. यदि एक नाम पर सहमति नहीं बनी तो हम सीएम का उम्मीदवार घोषित किए बगैर ही चुनाव लड़ेंगे. गोहिल ने कहा कि 2015 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का स्ट्राइक रेट अच्छा था. उन्होंने कहा कि इस बार भी, ‘हम और हमारे सहयोगी, जो भी हमारे साथ होंगे, सरकार बनाएंगे और लोगों के आशीर्वाद से सरकार बनाएंगे’.