"सांध्य छाया" ओल्ड एज होम प्रदेश में अभिनव पहल
भोपाल, बदलते सामाजिक परिवेश में छोटे होते परिवार, इनमें वृद्धजन की देखरेख, स्वास्थ्य सुरक्षा और एकांकीपन एक बड़ा प्रश्न बनकर हमारे सामने आया है, हमें समाज और अपने आसपास ऐसे अनेक उदाहरण देखने या पढ़ने को मिल रहे है जिनमें बच्चे रोजगार की तलाश में मेट्रोपोलिटन शहर में या विदेशों में चले गये है और उनके वृद्ध माता-पिता घरों में एकांकी जीवन व्यतीत कर रहे है। उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है। आर्थिक सम्पन्नता होते हुए भी सामाजिक और परिवारिक वातावरण से दूर रहने के लिये मजबूर है। ऐसे वरिष्ठजन के लिये सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा लगभग 24 करोड़ रूपये की लागत से भोपाल में बनाया पेड ओल्ड एज होम एक अभिनव प्रयोग के रूप में तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 जनवरी को इसका विधिवत लोकार्पण कर, वृद्धजनों को सौपेंगे।
भोपाल में यह वृद्धाश्रम पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड न. 3 पर स्थित है। यह पाँच एकड़ से अधिक भूमि पर बना है, इसमें 12 सिंगल बेड, 22 डबल बेड, कुल 34 कमरें है। इसमें 56 वरिष्ठजनों के रहने की उत्तम व्यवस्था है। भवन में वातानुकूलित कमरें, टीवी, फ्रिज, गर्म एवं ठंडा पानी, निजी बालकनी की व्यवस्था प्रत्येक रूम में है। स्वास्थ्य सेवाएँ- डॉक्टर परामर्श की सुविधा है। भवन में फिजियोथेरिपी सेंटर, आपातकालीन चिकित्सा सहायता सुविधा भी दी गई है। वरिष्ठजनों के मनोरंजन एवं लाइब्रेरी, ओपन मेस, डाइनिंग हॉल ओर वरिष्ठजनों के लिये विशेष रूप से डिजाइन किया गया पाथ-वे, प्रत्येक कमरे में अटैच बाथरूम, इन सभी में काल बेल, इंटरकाम, टेलीफोन की व्यवस्था दी गई है। आश्रम में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गये हैं।
"सांध्य छाया" के संचालन में सामाजिक भागीदारी दर्ज कराते हुए सेवा भारती मध्य भारत को इसके संचालन का जिम्मा दो वर्षों के लिये दिया गया है। वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठजन को प्रतिमाह कमरे के आकार के अनुसार पृथक-पृथक राशि देनी होगी। एक डबल बेड 60 स्का. मीटर- 39490 रूपये, डबल बेड रूप 90 स्का. मीटर 43490 रूपये, डबल बेड 56.5 स्का. मीटर 38490 रूपये, सिंगल बेड 49.2 स्का. मीटर 49990, सिंगल बेड 35 स्का. मीटर 47990 रूपये तथा सिंगल बेड 33.5 स्का. मीटर 45990 रूपये प्रतिमाह चार्ज देना होगा।
उल्लेखनीय है कि इसके अतिरिक्त प्रदेश में सामाजिक न्याय विभाग द्वारा 83 वृद्धाश्रम संचालित किये जा रहे है। इनमें अभी 2 हजार 300 वृद्धजन निवासरत है। यह सभी रहवासियों को नि:शुल्क रहने, भोजन, कपड़े, स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराते है। इसके बाबजूद आर्थिक रूप से सम्पन्न वरिष्ठजनों के लिए यह पेड ओल्ड एज होम एक अभिनव पहल है। राज्य शासन की मंशा भविष्य में पीपीपी मॉडल पर सशुल्क वृद्धाश्रम करने की है। इसके लिए राज्य सरकार नवीन नीति बनाने पर कार्य कर रही है।
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