विधानसभा : विधायकों के दो व पूर्व MLA के एक वाहन को मिलेगी फास्टैग में राहत

विधानसभा : विधायकों के दो व पूर्व MLA के एक वाहन को मिलेगी फास्टैग में राहत

भोपाल
विधायकों के दो और पूर्व विधायकों के एक वाहन को प्रदेश भर में लोक निर्माण विभाग के अधीन सड़कों से गुजरने पर फास्टैग से राहत मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम द्वारा विधायकों के प्रस्ताव पर लोक निर्माण विभाग के मंत्री गोपाल भार्गव से इस पर अमल के लिए कहा गया है। विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि अब जो सड़कें बनेंगी, उनमें उपयोग किया जाने वाला डामर 12 टेस्टिंग के बाद ही उपयोग किया जाएगा।

इतना ही नहीं सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पीएमजीएसवाई में स्टेट क्वालिटी मानिटर की तर्ज पर रिटायर्ड ईएनसी या चीफ इंजीनियर की नियुक्ति विभाग द्वारा की जाएगी। जहां सड़कों की क्वालिटी को लेकर शिकायत आएगी, वहां इनसे जांच कराकर रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।

मंत्री भार्गव ने कहा कि सड़कें किसी भी देश और प्रदेश के विकास का आईना होती हैं। सड़कें प्रदेश के विकास में वही भागीदारी दर्ज कराती हैं, जो मानव शरीर में रक्त धमनियाँ करती हैं। इस भाव को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित बजट में सड़कों के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ प्रदेश में 105 रेलवे ओव्हर-ब्रिज 65 नवीन पुल, 460 नवीन सड़क बनाने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश के 56 विधानसभा क्षेत्रों में बनाए जाने वाले इन रेलवे ओव्हर-ब्रिज पर 3 हजार 132 करोड़ रुपए व्यय किया जाएगा। इसी प्रकार 3 हजार 286 करोड़ रुपए की लागत से 2 हजार 441 किलोमीटर लम्बाई वाले 460 नवीन सड़क मार्ग तथा 759 करोड़ रुपये की लागत से 65 नवीन पुल बनाया जाना भी प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2021-22 के बजट प्रस्ताव में पंूजीगत मद में 5 हजार 34 करोड़ रुपए सड़क, पुल निर्माण, उनके उन्नयन के लिए रखा गया है तथा राजस्व मद में एक हजार 502 करोड़ रुपया सड़कों एवं पुलों के संधारण एवं नवीनीकरण के लिए रखा गया है।

मंत्री भार्गव ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में 2 हजार 441 किलोमीटर की सड़कों एवं 65 ब्रिज के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के संधारण, नवीनीकरण एवं मजबूतीकरण का कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा किया जाता है। विभाग द्वारा रीवा जिले के छुईया घाट पर 156 करोड़ रुपये की लागत से वैकल्पिक मार्ग बनाए जाने की स्वीकृति दी गई है। सड़कों के निर्माण में डामर की गुणवत्ता को नियंत्रित करने के निर्देश भी राज्य सरकार द्वारा जारी किये जा चुके हैं।