यूजीसी चेयरमेन और सचिव की दांव पर लगी प्रतिष्ठा

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दो दर्जन आवेदकों के पांच-पांच मिनिट में हुए साक्षात्कार

भोपाल
राजभवन ने कुलपति नियुक्ति को लेकर नई परिपाठी शुरू कर दी है, जो मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 में कहीं भी नहीं हैं। इसे लेकर कुलपति आवेदकों ने सवाल उठाना शुरू कर दिए हैं। कुलपति चयन करने के लिए तैयार सर्च कमेटी पर आवेदकों से साक्षात्कार में योग्यता के तहत सवाल नहीं कर रही है। ऐसे कुछ सवाल देवी अहिल्या विवि इंदौर के कुलपति चयन के लिए आवेदकों से सर्च कमेटी द्वारा किए गए। इसमें शासन की तरफ से पीएस अनुपम राजन, गवर्नर नामनी विनय पाठक लखनऊ और यूजीसी से अभिनाश पांडे शामिल थे।

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कुलपति का चयन करने के लिए मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 को नजरअंदाज कर दिया है। वे अपनी तरफ से नई व्यवस्था बनाकर कुलपति का चयन करने लगी हैं। इसका विरोध आवेदकों ने करना शुरू कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत सर्च कमेटी द्वारा राजभवन को प्राप्त बायोडाटा की स्क्रूटनी होती है। इसमें वे कुछ आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। ये साक्षात्कार सर्च कमेटी द्वारा ही किए जाते हैं। इसमें से पांच आवेदकों का पैनल तैयार कर राजभवन भेजते हैं, जिसमें किसी एक को कुलपति नियुक्त किया जाता है।

डीएविवि को मिले ढाई सौ आवेदन
डीएविवि इंदौर के लिए राजभवन को करीब ढाई सौ आवेदन मिले थे। इसमें से करीब 23 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए तलब किया गया। इसमें दो अनुपस्थित रहे। जबकि डीएविवि कुलपति रेणू जैन का आनलाइन साक्षात्कार किया गया। सबसे ज्यादा आवेदक इंदौर के निवासरत हैं, जिसमें डॉ. आशुतोष मिश्रा, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. मंगल मिश्र, प्रोफेसर डॉ. नितिन सप्रे, डॉ. एके सिंह शामिल हैं। वहीं डीएविवि वर्तमान कुलपति रेणू जैन, जीवाजी विवि कुलपति संगीता शुक्ला, महू विवि कुलपति डॉ. आशा शुक्ला, पूर्व कुलपति एसएस पांडे शामिल हैं। यहां तक आरजीपीवी के यूआईटी आटोनोमस के डायरेक्टर सुधीर सिंह भदौरिया, बीएस ठाकुर ग्वालियर, अनिल शुक्ला लखनऊ, असीम मुखर्जी प्रयागराज को साक्षात्कार में शामिल किया गया।

यहां लगी प्रतिष्ठा दांव पर
यूजीसी अध्यक्ष डीपी सिंह की तरफ से दावेदारी एके सिंह कर रहे हैं। वहीं यूजीसी सचिव रजनीश जैन की तरफ से अशोक शर्मा साक्षात्कार में शामिल हुए हैं। इसलिए दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। क्योंकि दोनों के उम्मीदवारों किसी एक का चयन कुलपति पद के लिए होगा। सर्च कमेटी की पसंद अनिल शुक्ला और जीवाजी विवि की कुलपति संगीता शुल्का राज्यपाल की ज्यादा पसंद बताई गई हैं। ऐसा बताया गया है कि कुलपति संगीता शुक्ला जीवाजी विवि में दूसरा कार्यकाल पूरा कर रही हैं। उनका कुलपति का कार्यकाल खत्म होने में दो साल का समय शेष है। इसके बाद भी उन्होंने तीसरी बार कुलपति बनने के लिए डीएविवि में आवेदन किया है। इसे लेकर सर्च कमेटी ने उनसे प्रश्न भी किया है।

क्या कहता है विवि एक्ट
मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 13 में कुलपति चयन का विस्तृत विवरण दिया गया है। इसमें कुलपति चयन के लिए साक्षात्कार होंगे। ये साक्षात्कार सर्च कमेटी करेगी। ये व्यवस्था एक्ट में नहीं दी गई है। यहां तक कुलपति आवेदकों में से कितनी योग्यता रखने वाले आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा का भी कोई उल्लेख नहीं किया गया है। दो दर्जन आवेदकों का कुलपति के लिए करीब सवा दो घंटे में साक्षात्कार करना राजभवन की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।