भारत के नए पुल बनाने से भड़के चीन के व‍िदेश मंत्रालय

0
2

पेइचिंग
भारत के चीन से लगे 7 राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 44 नए पुल बनाए जाने से ड्रैगन बुरी तरह से बौखला गया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता झाओ लिजिन ने मंगलवार को नए पुलों के बनाए जाने पर चिंता जताई और कहा कि किसी भी पक्ष को इलाके में ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे स्थिति जटिल हो जाए। चीनी प्रवक्‍ता ने कहा कि सैन्‍य निगरानी और नियंत्रण के लिए किसी भी आधारभूत ढांचे का चीन विरोध करता है।

चीनी प्रवक्‍ता का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत ने सीमा से लगे इलाकों में 44 नए पुल बनाए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बनाए गए पुलों का उद्घाटन किया। ये पुल 286 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए। राजनाथ सिंह के इस उद्घाटन के बाद अब चीन को तीखी मिर्ची लगी है।

ड्रैगन खुद भारत से लगे इलाके में बड़े पैमाने पर रोड और सैन्‍य ठिकाने बना रहा चीन अब उल्‍टे भारत पर स्थिति को जटिल बनाने का आरोप लगा रहा है। चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश, स‍िक्किम, उत्‍तराखंड और अक्‍साई चिन इलाके में कई सैन्‍य अड्डे बना रहा है या फिर उसे अपग्रेड कर रहा है। यही नहीं चीन ने इन ठिकानों पर घातक हथियार और मिसाइलें भी तैनात की हैं।

बीआरओ ने एक साल में 54 पुलों का निर्माण करके रेकॉर्ड बनाया
चीन की इसी चुनौती से निपटने के लिए अब भारत तेजी से सीमा से लगे इलाके में आधारभूत ढांचे को मजबूत कर रहा है। रक्षा मंत्री ने इसके साथ ही नेचिफु टनल की भी आधारशिला रखी। बीआरओ ने एक साल में 54 पुलों का निर्माण करके रेकॉर्ड बनाया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि एक साथ इतनी संख्या में पुलों का उद्घाटन और टनल का शिलान्यास, अपने आप में एक बड़ा रेकॉर्ड है। सात राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित ये पुल कनेक्टिविटी और विकास के एक नए युग की शुरुआत करेंगे। बीआरओ के बनाए गए पुल भारत के लिए युद्ध से लेकर लोगों के लिए बड़े स्तर पर सुविधाजनक होंगे।

रक्षामंत्री ने जिन पुलों को उदघाटन किया उनमें 10 पुल जम्मू-कश्मीर में, 7 पुल लद्दाख में, 2 पुल हिमाचल प्रदेश में, 4 पुल पंजाब में, 8 पुल उत्तराखंड में, 8 पुल अरूणाचल प्रदेश‌ में और 4 पुल सिक्किम में हैं। राजनाथ सिंह ने जिन 44 पुलों का उद्घाटन किया, उनमें से 22 अकेले भारत-चीन बॉर्डर को जोड़ने के लिए तैयार किए गए हैं। इन पुलों के बनने के बाद अब भारत-चीन बॉर्डर पर पहुंचना बेहद आसान हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चीन से तनातनी के बीच सामरिक महत्व की हिमाचल प्रदेश में बनी अटल टनल रोहतांग का उदघाटन पिछले दिनों किया। इस पुल के बन जाने से भारतीय सेना भारी मशीनरी चीन के बॉर्डर तक सेना के लिए आसानी से पहुंचा सकती है।