नमक की कालाबाजारी करने वाले 12 प्रतिष्ठानों पर 60 हजार का लगा जुमार्ना

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रायपुर
वर्तमान में कोरोना (कोविड-19) के संक्रमण के फलस्वरूप जिले में लॉकडाऊन की स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी पर नियत्रंण के लिये जिला प्रशासन के द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जिले में नमक एवं अन्य आवश्यक की उपलब्धता एवं मूल्य नियंत्रण हेतु खाद्य एवं नापतौल विभाग के अधिकारियों के द्वारा निरंतर नमक के थोक एवं चिल्हर विक्रेताओं की जांच की जा रही है।

इसी कडी में रायपुर शहर में आज 27 किराना दुकानों में नमक की उपलब्धता एवं विक्रय दर की जांच की गयी। जांच के दौरान 12 प्रतिष्ठानो में अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक दर पर विक्रय किया जाना पाये जाने के कारण विधिक माप विज्ञान (पैक बंद वस्तु नियम 2011) के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध किया गया एवं इन प्रतिष्ठानों पर 60,000 रूपए का जुमार्ना अधिरोपित किया गया।

खाद्य नियंत्रक  अनुराग सिंह भदौरिया ने बताया कि थोक विक्रेताओं एवं अन्य चिल्हर विक्रेताओं को नमक एवं अन्य खाद्य सामग्री की जमाखोरी एवं एमआरपी मूल्य से अधिक दर पर विक्रय नहीं किये जाने के सख्त निर्देश दिये गये हैं। जिले में नमक की उपलब्धता एवं आपूर्ति सामान्य है।

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन रायपुर के द्वारा नमक के थोक एवं किराना दुकानों  की नियमित जांच के निर्देश दिये गये हैं। इसी तारतम्य में जांच दल के द्वारा नमक के व्यापारियो की नियमित जांच की जा रही है। नमक की जमाखोरी अथवा एमआरपी से अधिक दर पर विक्रय किया जाना पाये जाने पर संबंधित व्यापारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जावेगी।