नकली धान बीज और यूरिया की कालाबाजारी पर चर्चा नहीं, विपक्ष ने किया सदन का बहिर्गमन

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रायपुर
छत्तीसगढ़ में नकली धान के बीज और यूरिया की कालाबाजारी को लेकर आज सदन में भाजपा विधायकों ने जमकर नारेबाजी करते हुए इस पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी ने स्थगन प्रस्ताव को आग्रह कर दिया। सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए भाजपा विधायकों ने इसका बहिर्गमन किया।

विधायक अजय चंद्राकर के स्थगन की सूचना विधानसभा उपाध्यक्ष ने पढ़कर सुनाई। उन्होंने कहा, आपूर्ति करने वाली खाद कम्पनियों ने प्रदेश के लैब की जगह निजी लैब में जांच कर लिया गया। ऐसी कंपनियों से खाद बीज निगम ने ले लिया। जिन कंपनियों ने अमानक खाद वितरण किया उससे सांठ गांठ कर मामला उजागर होने पर लीपापोती हो रही है। जांजगीर के नवागढ़ जैजैपुर ब्लाक में 12 हजार एकड़ में धान अंकुरित नहीं हुए।

कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था से अनुमति के बाद बीज वितरण किया गया है। 12 हजार एकड़ में धान अंकुरित नहीं होने की बात आधारहीन है। कलेक्टर की जांच में पता चला कि तुलसी से 26 बोरी धान भीगने के कारण कम अंकुरित हुआ था। जैजैपुर में कसही में एक ही किसान के खेत मे अंकुरण कम पाया गया। बाकि किसानों का बीज अंकुरित हुआ है। चौबे ने कहा कि डीएनए टेस्ट केवल हाइब्रिड बीजों का किया जाता है। सत्या नाम की कोई भी संस्था बीज विकास निगम में अनुबंधित नहीं है, इसलिए उससे खरीदी और उसकी दवा अमानक पाए जाने का कोई प्रश्न नहीं होता।

इससे पहले ही नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि हमारी सरकार में यूरिया की कभी कमी नहीं हुई, लेकिन कांग्रेस सरकार आते ही यूरिया की कालाबाजारी शुरू हो गई। नारायण चंदेल ने कहा कि नकली बीज दिया जा रहा है। सरकार और व्यापारी खुलेआम किसानों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। जांजगीर में डुप्लीकेट दवा बेची जा रही है, जिससे किसानों के साथ 19 करोड़ की ठगी हुई है। अजय चंद्राकर ने कहा कि 12 हजार हेक्टेयर में बीज अंकुरित नहीं हुआ है। विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि डिसटीब्यूशन कंपनी यूरिया सीधे व्यापारियों को दे रही है, जबकि सोसाइटी में नहीं मिल रही है।