सहकारिता के जनक लाखे जी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता

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रायपुर, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सहकारिता के जनक शिक्षाविद पत्रकार एवं सफल कृषक व विधि विविधता वामन राव लाखे जी की 148 वी जयंती समारोह आज सादगी पूर्ण तरीके से लाखे स्कूल सभागार में मनाया गया. मुख्य वक्ताओं ने कहा कि लाखे जी का योगदान कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। सहकारिता के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी अनुकरणीय हैं।

इस मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शिक्षाविद एवं शिक्षा प्रचारक समिति के अध्यक्ष अजय तिवारी सचिव अनिल तिवारी सुरेश शुक्ला एवं वामन राव लाखे उमा साला की प्राचार्य भारती यादव वामन राव लाखे हीरापुर की प्राचार्य मंजू साहू एसपी इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्राचार्य आशा रानी बोस एवं महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी एवं मनीषा शुक्ला एवं रानी स्वामी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि वामनबली राव लाखे जी ने जिला सहकारी बैंक भूमि विकास बैंक और जिला सहकारी संघ की स्थापना में अभूतपूर्व भूमिका निभाई थी शिक्षा के क्षेत्र एवं में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के बच्चों को शासकीय शालाओं में प्रवेश नहीं मिल पाता था इस बात को दृष्टिगत करते हुए लाखे जी ने एंग्लो इंडियन स्कूल और राष्ट्रीय विद्यालय की स्थापना की थी लाखे जी का कार्यक्षेत्र सीपी बरार रहा है जिला सहकारी बैंक भूमि विकास बैंक के माध्यम से ग्रामीण अंचल में रहने वाले किसानों को खाद्य एवं कृषि उपकरण सरलता सेवा निशुल्क उपलब्ध कराने में लाखे जी ने विशेष योगदान किया इसलिए बैंकों की स्थापना मानी जाती है असहाय लोगों को न्यायालय प्रकरण में निशुल्क सेवाएं दिया करते थे स्वतंत्रता आंदोलन में 3 वर्षों तक जेल में बिताए।  इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष अजय तिवारी ने कहा कि लाखे जी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता वही प्रबंध सचिव अनिल तिवारी ने कहा की लाखे जी के बताये मार्ग पर चलने का संकल्प लिया हुआ है।

27 सितंबर को सम्मान समारोह
संस्था के अध्यक्ष अजय तिवारी ने बताया है कि लाखे जयंती के उपलक्ष में 27 सितंबर के दोपहर 1बजे शिक्षक,वकील पत्रकार और सफल कृषक का सम्मान समारोह का आयोजन परिस्थिति को देखते हुए किया जाएगा। स्थिति सामान्य होने पर ही आयोजन होगा,कोविड के नियम व परिस्थितियों पर यह निर्भर करेगा।