आदिवासियों की ज्वलंत समस्यायें एवं मांगों का आज तक नहीं हुआ निराकरण – सुरेन्द्र सिंह सिरश्याम

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आदिवासियों की ज्वलंत समस्यायें एवं मांगों का आज तक नहीं हुआ निराकरण – सुरेन्द्र सिंह सिरश्याम

गोंडवाना आदिवासी समाज की विभिन्न मांगों को लेकर कोयतोड़ गोंडवाना महासभा ने सौपा ज्ञापन

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मण्डला – कोयतोड़ गोंडवाना महासभा के संरक्षक सुरेन्द्र सिंह सिरश्याम ने बताया कि भारत देश में निवासरत गोंडवाना आदिवासी समाज (अनुसूचित जनजाति वर्ग) की देश के भीतर लम्बे समय से कई समस्यायें एवं मांगे रही हैं। राज्य सरकारें द्वारा समय-समय पर कुछ समस्याओं एवं मांगों का निराकरण किया गया है। कुछ समस्याओं एवं मांगों के निराकरण हेतु प्रयास किया गया है, पंरतु कुछ ज्वलंत समस्यायें एवं मांगों का आज तक निराकरण नहीं होेने से संदेह है।

ज्ञापन में कहा गया है कि देश / राज्य के सभी अनुसूचित क्षेत्रों में भारतीय संविधान की पांचवी, छठवी अनुसूचित एवं पेशा एक्ट पूर्ण रूप से लागू नहीं होने से अनुसूचित जनजाति वर्ग को उनके वास्तविक हक एवं अधिकारों का लाभ नहीं मिल पा रहा है तथा वह आज तक वंचित है। जिसकी देश/राज्य के विभिन्न भागों से समय-समय पर मांग उठती रहती है। अतः संगठन देश/राज्य में भारतीय की पांचवी, छटवी, अनुसूची एवं पेशा एक्ट पूर्ण रूप से लागू कराने हेतु अनुरोध करता है ताकि देश में अनुसूचित जनजाति वर्ग को उनके वास्तविक हक एवं अधिकारों का लाभ मिल सकें । संयुक्त राष्ट्र संघ (न्छव्)द्वारा 9 अगस्त को International Day of the World’s Indigenous People घोषित किया गया है, जिसे संपूर्ण देश/राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित कराने हेतु अनुरोध है। देश/राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में नक्सलवाद, माओवाद एवं आपराधिक गतिविधियों जैसी जटिल समस्याएं कई वर्षों से व्याप्त है, जिनका समाधान आज तक नहीं हो पाया है। अतः इन समस्याओं के निराकरण हेतु शीघ्र ठोस कार्यवाही कराने हेतु संगठन अनुरोध करता है।

दिनांक 2 अगस्त 2020 को चिरायु मेडिकल काॅलेज / हाॅस्पिटल, भोपाल में स्वर्गीय मनमोहन शाह बट्टी, पूर्व विधायक, विधानसभा क्षेत्र अमरवाड़ा, जिला छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मृत्यु की उच्च स्तरीय सी.बी.आई. जांच कराने हेतु संगठन मांग करता है। सी.बी.आई. जांच उपरान्त जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जायें, जिससे पीड़ित परिवार, समाज एवं संगठन को न्याय मिल सकें। देश/राज्य के विभिन्न हिस्सों में पीढ़ी निवासरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगोें को वनाधिकार कानून के तहत पात्र हितग्राहियों को भूमि के पट्टे शीघ्र वितरित कराने हेतु संगठन अनुरोध करता है, जिससे वन विभाग द्वारा किये जा रहे भूमि से बेदखली जैसी समस्याओं का समाधान हो सकें।

देश/राज्य के भीतर प्राचीनकाल से गोंडवाना क्षेत्र के राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तेलगांना, एवं उड़ीसा में गोड़वाना आदिवासी समाज के लाखों लोगों द्वारा बोली जाने वाली ‘‘गोड़ी भाषा‘‘ (जिसकी गोंडी लिपि भी मौजूद है) को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में आज तक शामिल नहीं किया गया है तथा ‘‘गोंडी धर्म‘‘ को भी मान्यता नहीं मिली है, जिनकी समय-समय पर मांग उठती रहती है। अतः गोंड़ी भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शीघ्र शामिल कराने एवं गोंडी धर्म की मान्यता प्रदान हेतु संगठन मांग करता है। देश/राज्य के विभिन्न विभागों में सभी संवर्ग के अनुसूची जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के रिक्त बैकलाॅग पदों के शीघ्र भरने की कार्यवाही कराने हेतु संगठन मांग करता है।

देश/राज्य के भीतर गोंडवाना साम्राज्य की धरोहरों महल, किला, दुर्ग, कुंआ बावली एवं तालाबों को संरक्षण, संवर्धन एंव संरक्षित कराने हेतु संगठन मांग करता है, जिससे देश/राज्य के भीतर गोंडवाना कालीन एवं अन्य विरासतों को अक्षुण्ण रखा जा सकें । देश/राज्य के भीतर प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्राॅनिक मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग पर अन्याय, अत्याचार एवं शोषण जैसी गंभीर समस्यायें आये दिन पढने, सुनने एवं देखने को मिलती है। इन समस्याओं के समाधान हेतु अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम के कानूनों को सख्ती से पालन कराये जाने की संगठन द्वारा मांग की गई है, जिससे ऐसी सामाजिक समस्याओं से निजात पाया जा सकें।

मण्डला जिला आदिवासी शांतिपूर्ण पांचवीं अनुसूचित बाहुल्य क्षेत्र है, जिले के गोंड़वाना आदिवासी समाज की हर परेशानियों को लेकर जिला प्रशासन संगठन द्वारा मांग की गई कि समस्याओं का निराकरण की जायें, जो कि विलंबन है। उपरोक्त समस्याओं एवं मांगों का निराकरण शीघ्र कराने हेतु कोयतोड़ गोंडवाना महासभा द्वारा महामहिम राष्ट्रपति, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली भारत। अध्यक्ष , राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, नई दिल्ली, भारत। अध्यक्ष, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली, भारत। महामहिम राज्यपाल, राजभवन, भोपाल, मध्यप्रदेश, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल के नाम कलेक्टर मण्डला को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन देते समय जिला अध्यक्ष रामसिंह पन्द्रो, राधेलाल नरेटी, संरक्षक सुरेन्द्र सिंह सिरश्याम, मोहन मार्को, सुभाष उईके आदि उपस्थित रहे ।