गौरी-गणेश पूजा से अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन तीन दिन का अनुष्ठान शुरू

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देश के हर हिस्से से अयोध्या में होगा प्रतिनिधित्व

अयोध्या, अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के लिए सोमवार को गौरी-गणेश पूजा से तीन दिन का अनुष्ठान शुरू हो गया है। राम मंदिर निर्माण को लेकर अयोध्या में रामजन्म जैसा उल्लास है। इसी बीच श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और वीएचपी के उपाध्यक्ष चंपत राय ने बताया कि कई संत अयोध्या पहुंच गए हैं। परमानंद महाराजा आ गए हैं। वीएचपी के प्रबंध समिति के सदस्य दिनेश चंद्र आ गए हैं। हरिद्वार से भी अखाड़ों के कई महंत आ गए हैं। मंगलवार शाम तक सभी लोग आ जाएंगे। संघ प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी और दूसरे पदाधिकारी भी मंगलवार रात तक आ जाएंगे।

श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को प्रेस कॉफ्रेंस में कहा कि इस आयोजन में हमने देश की 36 आध्यात्मिक परंपराओं के 135 संतों को निमंत्रण भेजा है। नेपाल के संत भी आयोजन में शामिल होंगे। जनकपुर का बिहार, यूपी, अयोध्या से रिश्ता है। जानकी मंदिर के महंत आएंगे। हमने संतों को बुलाया है। कुछ लोग संतों को ही दलित कहते हैं। जिन्हें कुछ लोग दलित कहते हैं वह साधु हो गए हैं, ऐसे भी अनेक लोग भूमि पूजन में आ रहे हैं। भारत की भूगोल का हर हिस्से से प्रतिनिधित्व यहां होगा। संत महात्मा मिलाकर करीब 175 लोग होंगे।

निमंत्रण पत्र पर स्पेशल सिक्योरिटी कोड: राय
चंपत राय ने बताया कि हमने निमंत्रण पत्र छपवा दिया है। इसमें सिक्योरिटी कोड है। यह केवल एक बार ही काम करेगा। इसे लेकर कोई अंदर आया और फिर किसी काम से बाहर आया तो दोबारा यह सिक्योरिटी कोड काम नहीं करेगा। परिसर में मोबाइल, कैमरा या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की इजाजत नहीं होगी। हर एक कार्ड पर नंबर है उसी नंबर की लिस्ट पुलिस को गेट पर दी जाएगी। नंबर और नाम क्रॉस चेक होगा तभी एंट्री मिलेगी। उन्होंने कहा कि निमंत्रण कार्ड अयोध्या में बांटने शुरू कर दिए। पहले उन लोगों को दे रहे हैं जिनका निवास अयोध्या में ही है। जैसे-जैसे लोग बाहर से आएंगे उन्हें उनका कार्ड सौंपा जाएगा।

हरा रंग समृद्धि का प्रतीक है: चंपत राय
श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि कुछ लोगों को पीएम सपने में आते हैं तो वे डर जाते हैं। हरे रंग के कपड़े पहनेंगे भगवान इस पर भी विवाद किया जा रहा है। इसका पीएम, सीएम या ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है। पुजारी तय करते हैं कि किस दिन किस रंग के कपड़े हों। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। कहा कि हरा रंग समृद्धि का प्रतीक है, हरियाली का खुशहाली का प्रतीक है। रंग के ऊपर चर्चा करना बुद्धि की विकलांगता का प्रतीक है। जिनके पार्कों में हरियाली नहीं होती वह मकान की छतों पर गमला रखकर हरियाली की कोशिश करते हैं। यह हिंदुस्तानी की समृद्धि का प्रतीक है।

मंगलवार को फिर से रामार्चा यानी राम अर्चना
चंपत राय ने कहा कि 18 अप्रैल से गर्भ गृह पर वास्तुपूजा और भगवान विष्णु के नाम से 1000 बार आहुति, राम के नाम पर 1000 बार आहुति, हनुमान के नाम से भी 1000 बार आहुति दी गई। एक बार राम अर्चना भी हुई है इसमें 6-7 घंटे लगते हैं। गुप्त नवरात्रि पर दुर्गा की पूजा हुई। 700 मंत्रों की पूजा भी हुई। सोमवार को गणेश पूजन हुआ। 9 शिलाओं की पूजा भी की गई।, यह छोटे हैं जो हाथ में पकड़े जा सके। छोटी और बड़ी देव काली का पूजन भी किया गया। मंगलवार को फिर से रामार्चा यानी राम अर्चना होगी।