बारिश ने मचाई तबाही, उजड गये गरीब परिवारो के आशियानें

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गरीब परिवारो के सपनो पर फिरा बारिश का पानी

rafi ahmad ansari

बालाघाट। रोटी कपडा और मकान मानव जीवन की महत्वपूर्ण जरूरते है। इन जरूरतो को पूरी करने के लिये परिवार का मुखिया मेहनत-मजदूरी करके ऐडी चोटी का जोर लगाता है तब जाकर उसके परिवार का पालन-पोषण होता है। इसी परिश्रमी कवायद के साथ सिर छिपाने के लिये वह अपना एक आशियाना भी तैयार करता है। लेकिन सुलभ जीवन यापन कर रहे व्यक्ति पर जब मुश्बितो का पहाड टूटता है तो उसकी सारी उम्मीदो पर पानी फिर जाता है और उसके सारे सपने भी बिखर जाते है। उस समय अपने अतीत को भुलाना इतना आसान नही होता, जब कांधो पर कई जिम्मेंदारियो का बोझ लदा हो। ऐसा ही कुछ व्यतित हुआ है कटंगी तहसील के ग्राम उमरी के कुछ ग्रामीणो के साथ। जहां कई परिवारो के आशियानो पर बारिश कहर बनकर बरसी और उनके आशियानो को तबाह कर गई। जहां पीडित ग्रामीण, जिला प्रशासन की चौखट पर मदद की गुहार लेकर आये थे।

हम बात कर रहे है बालाघाट जिले के कटंगी तहसील के ग्राम पंचायत उमरी के वाशिंदो की, जहां ग्रामीणो के उपर बारिश अपना कहर बरपा गई और उनके आशियानो को तबाह कर गई। आज तबाही का मंजर उनकी आंखो में खटक रहा है और वे स्वंय को घर से बेघर होना बता रहे है। ग्रामीणो ने जिला मुख्यालय पहुचंकर जिला प्रशासन से गुहारा लगाई है कि उन्हे जल्द से जल्द आवास मुहैया कराये गये ताकि वे अपने उजडे आशियाने को पूर्व की तरह सजोये रख सकें। शिकायत लेकर पहुचें ग्रामीणो ने बताया कि तेज बारिश के कारण गांव के करीब दो दर्जन से अधिक लोगो के आशियाने क्षतिगं्रस्त हो गये है। जहां वर्तमान में उनके पास सर छिपाने की भी जगह नही है। यदि ऐसी परिस्थिति में जिला प्रशासन से कुछ मदद मिल जायें तो उन्हे आशियाना तैयार करने में राहत मिलेगी। ग्रामीणो ने मांग की है कि ऐसे पीडित परिवारो को जल्द से जल्द पीएम आवास योजना का लाभ दिलायें। ताकि उनका अपना एक पक्का आवास बन सके। वही ग्रामीण शासन से पीएम आवास हेतू पुन: नवीन सर्वे कराने की मांग कर रहे है।

ग्रामीणो ने साथ पहुचे क्षेत्रिय समाजसेवी युवा पराग राणा ने कहा कि गांव के करीब दो दर्जन से अधिक लोगो पर इन दिनो मुसीबतो का पहाड टूट पडा है। तेज बारिश के चलते ग्रामीणो के आशियानें तबाह हो चुुके है, ऐसी परिस्थिति में पीढितो को पीएम आवास योजना के तहत लाभान्वित किया जाने का जिला प्रशासन एवं सरकार को निर्णय लेना चाहिये। एक ओर कोरोना महामारी और बढती महंगाई के इस दौर में आशियाने की जरूरत लोगो को जख्मी कर चुकी है। ऐसे में परिवार को मुखिया स्वंय की कमाई से परिवार से पालन करे या आशियाना तैयार करें, यह गहन चिंता का विषय बना हुआ है। पीडित ग्रामीणो में ऐसे कई परिवार होगें, जिन्होने अपनी बेटियों के हाथ पीले करने की सोच बनाई हुई थी, लेकिन बारिश के पानी से मकान धराशाही होने से उनके कई सपनो पर भी बारिश का पानी फिर गया है। अब वे दोहरी मुसीबतो का दंंश झेलने को मजबूर हो चुके है। आवश्यक्ता है कि सरकार एंव जिला प्रशासन ऐसे पीडित परिवारो की मदद के लिये कदम आगे बढायें। जिले में अन्य ऐसे कई गरीब परिवार होगें, जिनके अपने कोई सपने रहे होगें, लेकिन जिले भर में कहर बनकर बरसी बारिश और आफत बनकर आई बाढ ने उन गरीब परिवार के आशियानो को तबाह कर दिया। आज कई गरीब परिवार अपने ही घर से बेघर हो गये है ,तो कई किसानो की फसले चौपट हो गई। लेकिन इन गरीब परिवारो को ना तो सरकार से कोई मदद मिली है और ना ही हमारे जिले का कोई अधिकारी उनका दुखडा सुनने उनकी चौखट पर गया है। आज ये पीडित परिवार अपनी सांसे थामे सरकार से मुआवजा पाने की आश लगाये बैठे है। खुद को गरीब परिवारो की हितेशी बतलाने वाली प्रदेश सरकार के प्रति जनता के बीच से विश्वास उठने लगा है। लोग चौक-चौराहे में सरकार को कोसते नजर आते है। बेहतर यही होगा की सरकार बाढ पीडित ग्रामीण एवं किसानो की मदद करें, अन्यथा भविष्य में चुनावी दंगल में सरकार को भी भारी मात झेलनी पड सकती है।

इनका कहना है- गांव के जो ग्रामीण है वे परेशान है। गांव में जो क्षतिग्रस्त आवास सें पीडित हितग्राही है उन्हे पीएम आवास का लाभ नही मिल रहा है और जिनके आवास अभी सुरक्षित है उन्हे पीएम आवास का लाभ दिया जा रहा है। इस तरह शासन और पंचायत द्वारा ग्रामीणो के साथ अन्याय किया जा रहा है।
सुनिल बोपच, ग्रामीण
ग्राम पंचायत उमरी कटंगी

इनका कहना है- हम ग्रामीणो के साथ है समस्या लेकर। बारिश के कारण कई ग्रामीणो के आवास क्षतिग्रस्त हो चुके है, आज उनके सामने आवास की आवश्यक्ता की बढ गई है। हमारी मांग है कि क्षतिग्रस्त आवास से पीडित ग्रामीणो को पहले आवास का लाभ दिलाया जायें।
पराग राणा, क्षेत्रिय समाजसेवी