बच्चों के शंका-समाधान में मिस्ड कॉल का उपयोग करने वाली व्याख्याता डॉ. तरूणा बनी हमारी नायक

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रायपुर, पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बचेली की व्याख्याता डॉ. तरूणा सिंह ने सीजी स्कूल डाट इन पोर्टल में हमारे नायक में स्थान प्राप्त कर दंतेवाड़ा जिले को गौरवान्वित किया है। वे विद्यार्थी हित को ध्यान में रखते हुए नि:स्वार्थ भाव से सभी नवाचारी गतिविधि के साथ वर्चुअल क्लास का संचालन कर रही हैं। अभी तक वे 90 आॅनलाइन कक्षा का संचालन कर चुकी हैं। बच्चे इनके साथ जिस किसी भी विधि से जुड़ते हैं ये बच्चों को पढ़ाने के लिए तत्पर रहती हैं। बच्चों के शंका-समाधान को अपने तरीके से निपटाने के लिए मिस्ड कॉल गुरूजी विधि का उपयोग कर रही हैं।

सुदूर क्षेत्र दन्तेवाड़ा जिले की व्याख्याता डॉ. तरूणा सिंह का मुख्य उद्देश्य किसी भी तरह से इच्छुक विद्याथीर्यों तक पाठ्यक्रम को पहुंचाना है। देशभर में लॉकडाउन होने की जानकारी मिलते ही स्कूलों का संचालन बंद हो गया था। वही डॉ तरूणा सिंह मार्च माह से ही बच्चों को व्हाट्सएप के द्वारा अध्यापन कार्य कराते आ रही हैं। लगातार आॅनलाइन वर्चुअल क्लास लेना जिसमें बच्चों को अपने वाई-फाई से जोड़कर अध्यापन कराना साथ ही सीजी स्कूल डॉट इन की वेबसाइट में कार्य करना सिखाना प्रारंभ करने लगी। अपने घर, स्कूल और आसपास मोहल्ले के बच्चों को छोटे-छोटे ग्रुप में एकत्रित कर अध्यापन कराती है। पुराने विद्यार्थियों को शिक्षा सारथी के रूप में प्रेरित कर प्रतिदिन 1 घंटे की कक्षा लेने के लिए सहयोग प्रदान करने का कार्य कर रहें हैं। दूरस्थ स्थानों के विद्यार्थियों हेतु संकट निवारण हेतु मिस्ड कॉल गुरूजी विधि तथा पढाई मोहल्ला का प्रयोग कर रही हैं, जिसमें उनके विद्यालय के बाहर के बच्चे भी इनके साथ शामिल हो रहे हैं। अपनी कक्षाओं के दौरान सामाजिक दूरियों तथा सुरक्षा मानकों का भी ध्यान रखा जाता है। अभी तक इनकी मोहल्ला कक्षा में 25-30 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं।

डॉ. तरूणा सिंह के प्रयासों से ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बचेली में संस्कृत विषय को भाषा के रूप में उच्चतर कक्षा के लिए पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। इनके द्वारा लिखी गई लेखन कविता, काव्य पाठ का राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर प्रकाशन हो चुका है। डॉ. सिंह स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा प्रांरभ किए गए आॅनलाइन पढ़ाई की सराहना करते हुए दूरस्थ अचंलों में रहने वाले विद्यार्थियों को जिला प्रशासन के द्वारा किए जा रहे नवाचार ज्ञान गंगा का उपयोग करने के लिए प्रेरित करती है। ज्ञान गंगा जिले के 90 पंचायतों में लगा हुआ हैं, जो बिना नेटवर्क के वाई-फाई से मोबाइल में कनेक्ट होता है और इसमें कक्षा 1 से 10 तक के बच्चों को पाठ्यक्रम पढ?े मिलता है। ज्ञान गंगा जिले के उन बच्चों के लिए लाभदायक है जिनके पास नेटवर्क नहीं है।