ISIS ने मोजाम्बिक को अपनी नई राजधानी घोषित की ,महिलाओं को बना रहा सेक्स स्लेव

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मैपुटो
सीरिया से मारकर भगाए जाने के बाद वैश्विक आतंकी संगठन आईएसआईएस के लड़ाके अब अफ्रीका पहुंच गए हैं। उन्होंने अफ्रीकी देश मोजाम्बिक के एक शहर को अपनी नई राजधानी घोषित किया है। वे यहां अपनी आय बढ़ाने के लिए कच्चे तेल के भंडारों पर कब्जा जमा रहे हैं। आईएसआईएस के इस देश में आने के बाद महिलाओं के अपहरण की वारदातों में भी अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी देखी गई है। कहा जा रहा है कि आईएस के लड़ाके महिलाओं का अपहरण कर उन्हें सेक्स स्लेव बना रहे हैं। सीरिया में भी इन आतंकियों ने यदीजी समुदाय की कई महिलाओं को सेक्स स्लेव बनाया हुआ था।

नई राजधानी बनाने का आईएसआईएस ने किया ऐलान
आईएसआईएस के आतंकवादियों ने मोजाम्बिक में अबतक 1500 से ज्यादा लोगों की हत्याएं की है। उनकी इसी कारस्तानी के कारण 2017 से लेकर अबतक इस देश में लगभग एक लाख लोग विस्थापित भी हो चुके हैं। इसी साल अगस्त में आतंकवादियों ने काबो डेलगाडो प्रांत के मोसिम्बोआ दा प्राइआ के बंदरगाह शहर पर कब्जा कर लिया था। इन आतंकियों ने स्थानीय लोगों से कहा है कि यह शहर उनकी अगली राजधानी बनेगी।

सरकारी सुरक्षाबलों को आतंकियों ने खदेड़ा
यह क्षेत्र कच्चे तेल से समृद्ध है। यहां घने जंगलों की मौजूदगी के कारण आतंकियों के लिए हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी करना आसान है। इस क्षेत्र में सेना की मौजूगदी अब लगभग न के बराबर है। जिन जगहों पर सेना मौजूद है उसे भी आतंकी संगठन खदेड़ने में लगा हुआ है। स्थानीय लोग इन आतंकी समूह को माचाबोस या अल शबाब के नाम से जानते हैं। लेकिन, आईएसआईएस से संबद्ध समूह खुद को अल-सुन्नह वा जमाअ कहता है।

इस कारण आतंकियों का जन्नत है यह शहर
डेली स्टार के साथ बातचीत में आतंकवाद और ग्लोबल रिस्क इंटरनेशनल में संगठित अपराध विशेषज्ञ डेविड ओटो ने कहा कि गहरे जंगल और इंडियन ओशन तक आसान पहुंच के कारण यह इलाका आतंकियों के लिए जन्नत है। ये गुट यहां से घने जंगलों में आसानी से छिप जाते हैं और सुरक्षाबलों की निगाहों में भी नहीं आते। इस इलाके में वे हमला कर भागने की तकनीकी का प्रयोग करते हैं। वे आसानी से गहरे समुद्र में भी भाग सकते हैं।

स्थानीय लोगों से मेलजोल बढ़ा रहे आईएस आतंकी
बताया जाता है कि आतंकी समूह के नेताओं में से एक अब्दला लिकोंगो ने स्थानीय मकुंडे जनजाति के एक सदस्य से शादी की है। लोगों और इलाके का यह स्थानीय जुड़ाव, समर्थन और ज्ञान इन आतंकी समूहों को सरकारी सुरक्षा बलों पर भारी लाभ प्रदान करता है। क्योंकि, इस इलाके में तैनात सरकारी सेना के जवानों को यहां की भाषा, स्थानीय संस्कृति और जमीनी गणित के बारे में कोई जानकारी नहीं होती है।

आतंकियों के डर से भाग खड़ी हुई सेना
पिछले साल आईएसआईएस के आतंकियों ने हमलों की एक सिरीज की शुरुआत की थी। जब आतंकियों ने मोसिम्बोआ दा प्राइआ शहर पर हमला किया था तब यहां मौजूद नौसेना ने इनसे डटकर मुकाबला किया। लेकिन जब उनके गोला-बारूद खत्म होने लगे तो वे भी अपनी जान बचाकर भाग खड़े हुए। इससे पूरे शहर पर आईएसआईएस का कब्जा हो गया। यह शहर 45 बिलियन डॉलर के एक प्राकृतिक गैस प्रोजक्ट के पास ही स्थित है।

आतंकियों के पास हथियारों का जखीरा
रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय आतंकियों ने सरकारी सुरक्षाबलों से मुकाबला करने के लिए सैटेलाइट फोन, नेटवर्क कंप्यूटर और अन्य आवश्यक युद्ध के उपकरणों को जमा किया हुआ है। उनके पास एक से बढ़कर एक हथियार और लड़ाकों की पूरी फौज मौजूद है। ये आतंकी पुलिस थानों, सैन्य चौकी और निजी सुरक्षा फर्मों पर छापामार हमले कर रहे हैं। जहां से इन्हें बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी मिल रहा है।