इंदौर टोटल लॉकडाउन: लोग याद दिला रहे हैं केंद्र सरकार का आदेश

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इंदौर, इंदौर में टोटल लॉक डाउन के आज पहले ही दिन लोग परेशान हो उठे हैं. दूध-दवा और पेट्रोल की सप्लाई भी इंस दौरान बंद है. दूध और दवा पर निर्भर लोग कलेक्टर के आदेश पर उंगली उठा रहे हैं. उनका सीधा कहना है कि ये केंद्र सरकार के आदेश के खिलाफ है.

कोरोना संक्रमण के दौरान इंदौर के नये कलेक्टर बनाए गए मनीष सिंह अपने एक आदेश के बाद लोगों के निशाने पर आ गए हैं. कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मनीष सिंह ने इंदौर में तीन दिन के टोटल लॉकडाउन का आदेश दिया है. इसमें अति आवश्यक सेवा दूध, दवा और पेट्रोल पंप भी शामिल हैं. जबकि केन्द्र सरकार का स्पष्ट आदेश है कि लॉकडाउन के दौरान अति आवश्यक वस्तुओॆं की सप्लाई जारी रहेगी.

कोरोना को लेकर मध्यप्रदेश का इंदौर जिला हाई रिस्क पर है. इसी दौरान यहां के कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव का ट्रांसफर कर मनीष सिंह को पदस्थ किया गया. मनीष सिंह ने शहर में कोरोना के हालात को देखते हुए तीन दिन तक इंदौर को पूरी तरह लॉकडाउन कर दूध-दवा की सप्लाई तक रोक दी है. इससे लोग खासे परेशान हैं. खासतौर से बच्चे, बुजु्र्ग और मरीजों को दूध के लिए परेशान होना पड़ा.

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तो ट्वीट कर तत्काल इस पर अपनी आपत्ति जताई. उन्होने कहा प्रदेश में कोरोना संक्रमण देखते हुए लॉकडाउन का सख़्ती से पालन हो,इसमें किसी को गुरेज़ नहीं है. लेकिन इंदौर में जिस प्रकार से दूध की सप्लाई भी बंद करने का निर्णय लिया गया है वो बेहद ही आपत्तिजनक है.दूध-दवाई आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आते हैं. देश भर में आवश्यक वस्तुओं पर कोई रोक नहीं है. इस निर्णय से उन बच्चों,बुजुर्गों,मरीज़ों का क्या होगा जो दूध पर ​ही आश्रित हैं? उन पशु पालकों के बारे में भी सोचें,जो पूर्व से ही दोहरी मार झेल ​रहे हैं.जनहित में इस निर्णय को तत्काल बदला जाए.

इंदौर में जैन समाज के करीब 4 लाख लोग रहते हैं. उनमें से अधिकतर लोग आलू प्याज नहीं खाते हैं. ऐसे में उनके सामने खाने की समस्या खड़ी हो गई है.कलेक्टर के टोटल लॉकडाउन के आदेश के बाद सब्जियों की सप्लाई भी रोक दी गयी है. ऐसे में जैन समाज के लोग भी नाराज़ हैं. वे सोशल मीडिया पर इस आदेश के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं. लोग केन्द्र सरकार के आदेश की कॉपी फॉरवर्ड कर रहे हैं. जिसमें आवश्यक चीजों की सप्लाई जारी रखने के लिए कहा गया है. आदेश में स्पष्ट लिखा है कि दूध सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह से बहाल रहेगी. लॉकडाउन के दौरान दूध का कलेक्शन होगा और वितरण भी सुचारू ढंग से किया जाएगा.