चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए नियमित करें योगासन और रहें ऐक्टिव

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अपने आपको स्वस्थ रखने के लिए सबसे बेहतरीन और असरदार तरीका योग ही है। रोजाना नियमित रूप से योग कर आप अपने आपको तनावमुक्त रखने के साथ ही कई बीमारियों के खतरे से भी खुद को दूर रख सकते हैं।

कई लोग आलस के कारण पूरा दिन अच्छी तरीके से काम नहीं कर पाते जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशानी महसूस होती है। ऐसे लोगों के लिए योग बहुत ही कारगर तरीका है जो उन्हें पूरे दिन सक्रिय रखने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही आप योग के जरिए लंबे समय तक स्वस्थ रह सकेंगे। ऐसे तो कई योग है जिनका इस्तेमाल कर आप अपने आपको तरो-ताजा रख कर तनावमुक्त रह सकते हैं। हम आपको इस लेख के जरिए 4 ऐसे योगासन बताते हैं जिनका इस्तेमाल कर आप आसानी से खुद को दिनभर एक्टिव रख सकते हैं।

ताड़ासन
ताड़ासन बहुत ही साधारण तरीके का योग माना जाता है, इस योग को करने से बच्चों की लंबाई भी बढ़ती है। इसके साथ ही आपका पाचन तंत्र मजबूत होता है, शरीर में रक्त संचार सही से होता है, घुटनों, टखनों और भुजाओं में मजबूती आती है। वहीं, ये एक ऐसा योग है जिसे नियमित रूप में करने से आप ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं। इसको करने के लिए आप सबसे पहले सीधे खडे़ होकर अपने पैरों, कमर और गर्दन को एक सीधी लाइन में रखें। अपनी उंगलियों को सामने की तरफ कर मुट्ठी बांधिए। सांस लेते हुए अपनी बंद मुट्ठी के साथ अपने हाथों को ऊपर की तरफ उठाइए। सांसों को रोककर अपनी एडी को धीरे-धीरे उठाइए। आपने शरीर को ऊपर की तरफ जितना संभव हो खींचिए। फिर सांसों को छोडते हुए सा‍मान्य स्थिति में आइए। इस क्रिया को 5 से 10 बार दोहराइए।

सुखासन
सुखासन को नियमित रूप से करने से आपके शरीर में सही मात्रा में ब्लड सर्कुलेशन होता है जिसकी वजह से आप स्वस्थ भी रहते हैं और दिल से जुड़ी समस्याओं से भी अपने आपको दूर रख सकते हैं। इसके साथ ही सुखासन योग करने से आप तनावमुक्त भी रह सकेंगे और अपने आपको ताजा महसूस करेंगे। वहीं, आपके जोड़ों का दर्द दूर होने में मदद मिलने के साथ ही मांसपेशियां लचिली भी होती है। इसके लिए आप दोनों घुटनों को मोडकर, गर्दन, कमर और पीठ को सीधा रखकर बैठिए। अपनी हथेलियों को सीधा रखिये इंडेक्स उंगली (अंगूठे के बगल वाली उंगली) के अग्र भाग को अंगूठे से छूकर अन्य तीनों उंगलियों को सीधी रखिए। इस आसन को करने से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होगी। रक्त का संचार अच्छे से होगा, तंत्रिका तंत्र और पाचन क्रिया बेहतर होगी। इस आसन को करने से अंदर से शांति महसूस होगी। यह आसन आपको अंदर से मजबूत बनाता है। इन आसनों के जरिये आप न केवल शारीरिक बल्कि मानिसक शांति और शक्ति भी पा सकते हैं।

त्रिकोणासन
आप त्रिकोणासन के जरिए भी अपने आपको तरोताजा रख सकते हैं। आप इसके लिए अपने दोनों हाथों को बराबर में फैलाएं और उन्हें ढीला छोड़ दें। इसके बाद आप सांस को अंदर की ओर खींचते हुए दाहिने हाथ को ऊपर की ओर ले जाइए और बाएं हाथ को शरीर से सटाकर नीचे ही रहने दीजिए। अपने हाथ और पैरों को सीधा रखिए। जब सांस को बाहर छोडते हुए दाहिने हाथ की तरफ झुकिए, इस बीच आपका दाहिना हाथ जमीन के समानांतर होना चाहिए। इसके बाद तेजी से बाएं हाथ से जमीन को छूने की कोशिश कीजिए। सांस लेते हुए सामान्य स्थिति में आइए। इसी क्रिया को विपरीत दिशा में भी दोहराते हुए कम से कम 5 बार कीजिए।

भृजंगासन
भृजंगासन के योग से आपकी रीढ़ हड्डी मजबूत होती है और पेट के हिस्सों को उत्तेजित करता है। ये आसन साइटिका और अस्थमा जैसी समस्याओं को दूर रखने में हमारी मदद करता है। वहीं, ये आपको तनावमुक्त रखता है। इसको करने के लिए आप चेहरे को नीचे की तरफ करके जमीन पर लेट जाइए। अब, अपने माथे को जमीन से छुएं। अपनी हथेली को भुजाओं के नीचे रखिए, और स्थिति ऐसी होनी चाहिए कि आपकी उंगलियां भुजाओं को छू रही हों। अपने पैरों को सीधा रखिए। अपने सिर को पीछे की तरफ हल्का सा ले जाते हुए सांस लीजिए। अपने हाथों से सीने और सिर पर आगे की तरफ दबाव डालिए, लेकिन इस स्थिति में पीठ को मोडे रखिए। अपनी सांसों को रोके रखिए, ताकि सांप जैसी स्थिति दिखे।