सुनियोजित था दिल्ली दंगा, दिसंबर में साजिश और जनवरी बाटे गए हथियार

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दंगों से संबंधित मुकदमे की सुनवाई के दौरान यह खुलासे किए

नई दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों की साजिश पिछले साल दिसंबर से ही रची जा रही थी। पुलिस के अनुसार आप से निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के नेतृत्व में पहले इलाके में डर फैलाया गया और फिर हथियार बांटे गए। दिसंबर 2019 से जनवरी 2020 तक खजूरी और दयालपुर इलाके में हथियारों का प्रबंध किया गया था। दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव की अदालत के समक्ष दंगों से संबंधित मुकदमे की सुनवाई के दौरान यह खुलासे किए हैं।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, ताहिर हुसैन के मकान के बगल में भारत वाटिका नाम का बैंक्वेट हॉल है। 25 फरवरी को यहां एक लड़की की बारात आने वाली थी। 1200 लोगों का खाना तैयार किया जा रहा था। लेकिन ताहिर हुसैन ने इस बैंक्वेट हॉल और आसपास तबाही मचाने के लिए दंगाइयों को अपनी छत उपलब्ध कराई। इस बैंक्वेट हॉल को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया गया, वहां आग लगा दी गई। पुलिस ने अदालत को बताया कि यहां बात एक लड़की की शादी में तबाही मचाने तक नहीं है, बल्कि महीनों पहले रची गई उस साजिश की है, जिसने इस इलाके को दंगों की आग में झोंक दिया।

दोहरी चाल चली गई
पुलिस के मुताबिक, 23 फरवरी को दंगों की शुरुआत अचानक नहीं हुई, बल्कि यह साजिश का हिस्सा थी। लोकतंत्र का हवाला देकर नए नागरिकता संशोधन कानून के बारे में पहले लोगों में गलत जानकारी फैलाई गई। फिर उन्हें चक्का जाम करने के लिए उकसाया गया। दगों को कराकर कुछ मुख्य साजिशकर्ताओं ने देश की छवि खराब करने की कोशिश की।

लोगों भड़काया, कहा हथियार उठा लो

पुलिस के अनुसार अब तक कि तफ्तीश में जो तथ्य सामने आए हैं, वो चौंकाने वाले हैं। मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन ने असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर महीनों पहले खजूरी और दयालपुर के लोगों में डर बैठाया। उन्हें समझाया कि अगर खुद को बचाना है तो हथियार उठाना होगा। लोग इस बात पर यकीन करते गए और डर फैलता गया। डर फैलाने के बाद इन्हें लाठी-डंडे ही नहीं पिस्तौल, पेट्रोल बम, चाकू आदि हथियार भी उपलब्ध कराए गए ताकि अधिक से अधिक नुकसान किया जा सके।

ताहिर के करीबी को जमानत नहीं
पुलिस ने अदालत को बताया कि मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन द्वारा रची गई बड़ी साजिश की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है। वहीं, अदालत ने इस मामले में लड़की की शादी की तैयारी में तबाही मचाने और कथित तौर पर ताहिर हुसैन के करीबी माने जाने वाले आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि इस वारदात में घातक हथियारों का इस्तेमाल हुआ है। आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।