कांग्रेस का सिंधिया परिवार पर बड़ा हमला, अधिकारियों की मिलीभगत से सिंधिया बेच रहे सरकारी जमीन

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उपचुनाव से पहले कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की मुश्किलें बढ़ाई

भोपाल। भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सरकारी जमीन को लेकर हमेशा कांग्रेस के निशाने पर रहते हैं। उपचुनाव से पहले ग्वालियर में कांग्रेस ने सिंधिया पर बड़ा वार किया है। साथ ही कई गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर माहोरकर का बाड़ा की जमीन पर कब्जा कर बेचने का आरोप लगाया है। हालांकि कांग्रेस के आरोपों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष मुरारीलाल दुबे और प्रवक्ता के के मिश्रा ने सिंधिया परिवार पर तीसरा बड़ा हमला बोला है। इस हमले के साथ कांग्रेस ने कुछ प्रमाणिक दस्तावेज भी पेश किए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सिंधिया परिवार ने ग्वालियर के जयेन्द्रगंज स्थित माहोरकर के बाड़ा की 8 बीघा 2 बिस्वा भूमि, जिसकी कीमत 360 करोड़ के लगभग है। यह जमीन ग्वालियर के पूर्व राजघराने की व्यक्तिगत संपत्ति की सूची में शामिल भी नहीं है, फिर भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उस पर अवैध कब्जा जमा लिया है।

मुरारीलाल दुबे ने कहा कि अवैध निर्माण कर आज भी वहां से किराया वसूली हो रही है और उसके कुछ हिस्से को अपंजीकृत सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट के माध्यम से बेचकर करोड़ों रुपयों की अवैध वसूली भी कर डाली है, यह एक गंभीर और अक्षम्य अपराध है। इस ट्रस्ट के अध्यक्ष कथित जनसेवक भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनकी मां माधवीराजे सिंधिया, पत्नी प्रियदर्शनीराजे सिंधिया, नेपाल राजपरिवार की ऊषाराजे राणा, सुषमा सिंह और ब्रिगेडियर नरसिंहराव पवार ट्रस्टी हैं। वहीं, कांग्रेस ने मांग की है कि कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से राजनैतिक प्रश्रय के बाद घटित इस आपराधिक कृत्य में शासकीय अधिकारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। लिहाजा, उनके विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1998 की धारा-13(1).(डी) धारा-467,468,471 और 420 के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सिंधिया परिवार द्वारा की गई जमीनों की हेराफेरी के सभी मामलों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के दरवाजे पर भी दस्तक देगी।