फर्टिलाइजर घोटाले में फंसे सीएम गहलोत के भाई को हाईकोर्ट से झटका

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मामले को सुनने से इनकार करते हुए अन्य बैंच में ट्रांसफर कर दिया

जोधपुर, राजस्थान की राजनीति से जुड़ा एक और दिलचस्प मोड़ सामने आया है। दरअसल बुधवार को फर्टिलाइजर घोटाले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने गत 22 जुलाई को कार्रवाई की थी। साथ ही इसके बाद गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत को ईडी ने नोटिस देकर दिल्ली तलब किया था। इस कार्रवाई और नोटिस के खिलाफ अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत ने राजस्थान हाई कोर्ट में एक याचिका पेश की थी। जस्टिस मनोज गर्ग की कोर्ट में सूचीबद्ध इस याचिका के संबंध में अब यह जानकारी है कि इस मामले को सुनने से इनकार करते हुए अन्य बैंच में ट्रांसफर कर दिया है।

यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन का फर्टिलाइजर से जुड़ा काम है। बताया जा रहा है कि साल 1980 से पहले की उनकी दुकान है। ‘अनुपम कृषि’ नाम से इसी प्रतिष्ठान से वो फर्टिलाइजर से जुड़ा काम करते हैं। फर्टिलाइजर घोटाले को लेकर देशभर के कई लोगों पर ईडी ने कार्रवाई की थी जिसके तहत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत के पावटा स्थित कार्यालय और मंडोर नॉर्मली स्थित फार्म हाउस पर ईडी ने कार्रवाई को अंजाम दिया था। इसे लेकर ही अग्रसेन गहलोत ने कोर्ट में ईड़ी के खिलाफ य़ाचिका लगाई थी।

राजस्थान पॉलिटिकल क्राइसेस से जोड़कर देखा जा रहा
आपको बता दें कि गत माह राजस्थान में शुरू हुई सियासी उठा पटक के बीच राजस्थान में ईडी और आयकर विभाग की लगातार कार्यवाही हुई। वहीं सीएम गहलोत के कई करीबियों के घर में भी ईडी- इनकम टैक्स के छापे पड़े। इसी दौरान सीएम के बड़े भाई अग्रसेन के भी घर और फार्म हाउस पर छापे मारे गए। कांग्रेस इसे बीजेपी की साजिश और मोदी सरकार की ओर से केन्द्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग बताती रही थी। लिहाजा इस मामले को भी इसे से जोड़कर देखा जा रहा है।