उपचुनाव में पांच माह बनाम पंद्रह महीने को चुनावी मुद्दा बनाएगी भाजपा

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भोपाल, भाजपा प्रदेश के 28 विधानसभा में उपचुनाव के दौरान पांच माह बनाम पंद्रह महीने को चुनावी मुद्दा बनाएगी और लोगों को बताएगी कि किस तरह से कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने सब कुछ सामान्य होने के बाद भी विकास कार्यों को तरजीह नहीं दी और जनता के बजाय खुद का विकास करने में जुटे रहे जबकि पांच माह में शिवराज सरकार ने न सिर्फ कोरोना की बीमारी से लोगों को निकालने में पूरी ताकत लगाई बल्कि अर्थव्यवस्था के बुरे दौर में भी संबंधित क्षेत्रों के विकास में कोई कसर नहीं रखी। कांग्रेस के वचन पत्र की तर्ज पर भाजपा प्रदेश स्तर पर तो कोई संकल्प पत्र जारी नहीं करेगी लेकिन प्रत्याशी अपने स्तर पर विकास कार्यों की भावी तस्वीर जनता के समक्ष रखेंगे।

28 विधानसभा सीट पर भाजपा सरकार ने पांच माह के कार्यकाल में करीब 4 हजार करोड़ के काम स्वीकृत किए हैं। इसके साथ ही किसी भी क्षेत्र के विकास में धन की कमी नहीं होने देने का आश्वासन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया है। प्रदेश में 15 माह तक ठप रहे विकास कार्यों को गति देने और नए सिरे से योजनाओं की प्लानिंग कर उसके लिए तय व्यवस्था को आधार बनाकर ही पार्टी उपचुनाव में उतरेगी। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस से भाजपा में आए पूर्व विधायकों की विकास योजनाओं की डिमांड को पूरा करने का काम शिवराज सरकार ने किया है, इसी को जीत का आधार बनाने में पूरी टीम जुटेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रत्याशी अपने भावी विकास एजेंडे का संकल्प पत्र चुनाव के समय दे सकेंगे। फिलहाल पार्टी प्रदेश स्तर पर अलग से कोई संकल्प पत्र जारी करने के मूड में नहीं है और न ही इसको लेकर कोई कमेटी ही गठित की गई है।

भाजपा प्रदेश चुनाव प्रबंध समिति के संयोजक और नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस गांधी जयंती से शुरू होने वाले भाजपा के मंडल सम्मेलन का विरोध किस आधार पर कर रही है। महापुरुषों का ठेका केवल कांग्रेस के पास नहीं है। महात्मा गांधी हम सबके हैं और कांग्रेस ने जो ठेका लिया था, उसे हमने समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव को लेकर हुई वर्चुअल बैठक में सीटों पर मंथन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बैठक ली है। इसमें जीत को लेकर समीक्षा की गई है जिसमें सभी पहलुओं पर चर्चा हुई है। सिंह ने कांग्रेस के वचन पत्र में कोरोना से मौतें होने पर मुखिया को नौकरी दिए जाने के कांग्रेस के दावे को लेकर उन्होंने कहा कि पुराने वचन पत्र का क्या किया, पहले कांग्रेस को यह जनता को बताना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस तो चांद को जमीन पर लाने का वादा कर सकती है जो कर नहीं सकती। पुराने कोई भी वचन कांग्रेस ने पूरे नहीं किए। सिंह ने अतिथि विद्वानों के मामले में कहा कि भाजपा सरकार ने अतिथि विद्वान को 20 नम्बर देने की व्यवस्था की थी जिसे कांग्रेस ने समाप्त कर दिया। कांग्रेस ने जो कहा था उसे अपने कार्यकाल में कर दिखाने की कोई कोशिश नहीं की।