बैकिंग ऑनलाईन ठगी की विचित्र वारदात, बिना ओटीपी के खाते से उड़े 13.56 लाख

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अज्ञात ठगों के विरूद्ध कोतवाली में शिक्षिका की शिकायत पर ठगी का मामला दर्ज

khemraj morya
शिवपुरी। शिवपुरी में बैंकिंग ऑनलाईन ठगी की एक विचित्र वारदात घटित हुई है। जिसमें फरियादी शिक्षिका गीता पवार ने मोबाइल पर फोन करने वाले ठग को अपने बैङ्क्षकंग एकाउंट का ओटीपी नंबर नहीं बताया। लेकिन इसके बाद भी उसके खाते से 13.56 लाख रूपए उड़ गए। फरियादी की 1ू2.25 लाख रूपए की एफडी भी किसी ने तुड़वाकर जमा पूंजी पार कर दी। वहीं उसके सेविंग बैंक खाते से भी 1 लाख रूपए की राशि निकल गई। खाते से रकम निकलने की यह वारदात 29 और 30 सितंबर को घटित हुई। वहीं एसबीआई प्रबंधक आशीष दुबे का कहना है कि महिला शिक्षकों ने निश्चित ही ओटीपी बताया होगा अन्यथा खाते से इतना बड़ा ट्रांसजेक्शन संभव नहीं है। लेकिन उनकी शिकायत के बाद हमने उनका आवेदन जांच के लिए ले लिया है। वहीं कोतवाली शिवपुरी में महिला शिक्षिका की रिपोर्ट पर अज्ञात ठगों के विरूद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है।

हाथी खाना निवासी आदर्श कन्या प्राथमिक विद्यालय स्कूल की शिक्षिका गीता पवार ने बताया कि 26 सितंबर को उनके मोबाइल नम्बर 9425702921 पर एसबीआई के टोल फ्री नम्बर 01800112211 से कॉल आया और कॉल करने वाले ने उनसे कहा कि वह अपने मोबाइल पर नेट बैंकिंग चालू करें। शिक्षिका का कहना है कि चूकि उन्हें मोबाइल इस्तेमाल करना नहीं आता। इसलिए उन्होंने नेट बैंङ्क्षकंग से जुडऩे से इंकार किया। इसके बाद 27 सितंबर को एसबीआई गुरूद्वारे बैंक से फोन आया। जिसमें अपने आप को बैंक कर्मचारी बताने वाले ने अपना नाम आलोक बताया और उसने भी नेट बैंङ्क्षकंग से जुडऩे की बात की। लेकिन उससे भी मना कर दिया गया। शिक्षिका का कहना है कि उन्होंने दोनों व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी। लेकिन 29 और 30 सितंबर को उनके बैंक एकाउंट से रकम निकल गई। शिक्षिका का कहना है कि बैंक प्रबंधन यह बताने को भी तैयार नहीं है कि उनके खाते से राशि किस खाते में ट्रांसफर हुई है।

बैंक अधिकारियों का कहना है कि नेट बैंङ्क्षकंग से राशि निकली
शिक्षिका ने बताया कि उनके बचत खाते में 1 लाख 35 हजार रूपए जमा थे और 12 लाख 25 हजार रूपए की एफडी थी। ठग ने बचत खाते से पैसे निकाल लिए और एफडी भी तुड़वा ली। कुल मिलाकर उन्हें 13 लाख 56 हजार रूपए की छपत लगी। बैंक अधिकारियों का कहना है कि नेट बैंङ्क्षकंग के इस्तेमाल से उक्त राशि निकाली गई।