छुरा अंचल की महिलाओं को बिहान ने दी नई पहचान

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गरियाबंद, जिले के छुरा अंचल की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं बिहान से जुड़कर खुद को नई पहचान दे रही हैं। कभी किस्मत को ही अपनी नियती मानकर सबकुछ स्वीकार कर लेने वाली इन महिलाओं की जीवन में एक नई सुबह के रूप में बिहान  शामिल हुआ है। संघर्ष से सफलता की ओर कदम बढ़ाने वाली इन महिलाओं ने पहले तो खुद को समूह से जोड़ा फिर सामुहिक बचत,निवेश और उत्पादन के सिद्धांत पर आगे बढ़ते हुए नई पहचान बनाने लगी। अंचल में कई महिलाओं ने ऐसे व्यावसाय को चुना है जहां पुरूषों का वर्चस्व रहा है। सेन्ट्रिंग व्यवसाय, किराया भंडार, पशुपालन, आधुनिक खेती, आटा चक्की, होटल, इत्यादि व्यवसायों को सफतलापूर्वक कर रही है। धारा से विपरित बहकर इनके जीवन में और निखार आया है।

छुरा जनपद की सीईओ सुरूचि शर्मा ने बताया कि इस विकासखंड में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रयास किये जा रहें है। बिहान के माध्यम से महिलाओं को समूह से जोड़कर आर्थिक और समाजिक रूप से सक्षम बनाने की पहल शासन की मंशा अनुरूप किया जा रहा है। ग्राम रजनकटा की श्रीमती कौशिल निषाद सेन्ट्रिंग प्लेट का व्यवसाय करती है। समूह से जुड?े के बाद 75 हजार रुपए का लोन लेकर मिक्सर मशीन और सेन्ट्रिंग प्लेट खरीद कर अपने पति के व्यवसाय को और मजबूती प्रदान किया। आज उनके पास दो सौ प्लेट और दो हजार वर्गफीट ढलाई के लायक सामग्री मौजूद है। अब वे प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपए की आमदनी प्राप्त कर रही है।

ग्राम कुरूद की गृहिणी श्रीमती त्रिवेणी साहू बिहान से जुड़कर 80 हजार रुपए लोन लेकर टेण्ट हाऊस के कारोबार को आगे बढ़ाया। इससे उन्हें घर चलाने योग्य आमदनी आसानी से हो जाती है। समूह से जुड?े के बाद खुद के लिए दो पहिया वाहन खरीदी और कम्प्युटर सीख कर बिहान में ही सेवा दे रही है। ग्राम पेन्ड्रा की जय बड़ा देव समूह से जुड?े के बाद लकेश्वरी धु्रव की न केवल पारिवारिक आर्थिक स्थिति में बल्कि खुद की स्थिति में बदलाव साफ दिखने को मिलता है। समूह से ऋण लेकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा और अपने हुनर को निखारते हुए सिलाई, खेती कार्य, साग-भाजी उत्पादन और जैविक खाद का निर्माण करने लगी। फलस्वरूप आर्थिक रूप से सशक्त हुई और घर बनाने के सपने को साकार करने में जुटी है। ग्राम मुड़ागांव की एकता महिला समूह से जुड़ी श्रीमती पूजा गुप्ता होटल का कारोबार चला रही है। जिससे उनकी और परिवार की आजीविका अच्छे से चल रही है। ग्राम खट्टी की श्रीमती मोंगरा साहू समूह से ऋण लेकर उन्नत और वैज्ञानिक खेती से बरबट्टी की खेती कर किसानो के लिए मिशाल बन गई है। उन्होंने बताया कि समूह से जुड?े के पश्चात और ऋण लेकर अपने सपनों को पूरा कर पा रही हूॅ। इसके अलावा ग्राम कुरूद की श्रीमती निर्मला निर्मलकर गुपचुप चाट ठेला खोलकर अपनी जिंदगी की गाड़ी आगे बढ़ा रही है। ग्राम पोंड की श्रीमती मधु साहू रेडी-टू-ईट निर्माण से जुड़ी हुई है। रेडी-टू-ईट के निर्माण के लिए समूह से ही ऋण लेकर आटा चक्की दुकान स्थापित कर ली। बिहान से जुड़कर कई महिलाएं मछली पालन, बकरी पालन,आटा चक्की, फैंसी स्टोर, और किराना दुकान का कार्य करते हुए एक नई इबारत लिख रही है।