ACS ने सभी जिपं सीईओ को दिए निर्देश, लेबर बजट से रोकेंगे MP के मजदूरों का पलायन

ACS ने सभी जिपं सीईओ को दिए निर्देश, लेबर बजट से रोकेंगे MP के मजदूरों का पलायन

भोपाल
महाराष्ट और गुजरात के सीमावर्ती मध्यप्रदेश के जिलों में काम के अभाव में मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए राज्य सरकार लेबर बजट का उपयोग करेगी। वर्ष 21-22 में जिलों की रैंकिंग का मुख्य आधार भी लेबर बजट से श्रमिक नियोजन और लिए गये कामों के मूल्यांकन के आधार पर होगा।

 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सीमावर्ती जिलों में किसी भी हालत में काम के अभाव में मजदूरों का पलायन नही हो। खासतौर पर महाराष्टÑ और गुजरात हर साल मजदूरी करने काफी संख्या में लोग जाते है। इस समय महाराष्टÑ में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ा है। इसलिए मध्यप्रदेश से मजदूरों को महाराष्टÑ जाने से रोकने के लिए सभी संभव उपाय किए जाने चाहिए ताकि मध्यप्रदेश में वहां से कोरोना का संक्रमण नहीं फैल सके। इसके लिए जिलों में लेबर पोटेंशियल के अनुसार कम लेबर जहां लगे है वहां इनकी संख्या बढाई जाए। खासतौर पर अशोकनगर, बालाघाट, टीकमगढ़, राजगढ़, रीवा, झाबुआ, कटनी, सीधी, डिंडोरी और मंडला में मजदूर काफी संख्या में रहते है। इन्हें इन्हीं जिलों में काम उपलब्ध कराया जाए ताकि इनका पलायन पड़ोसी राज्यो में नहीं हो सके।

यहां के मजदूरों से गांव के रोडमैप के अनुसार प्रत्येक गांव में शंतिधाम, पोषण वाटिका, स्कूल, आगंनबाड़ी,  अनुशासकीय परिसर में पहुंच मार्ग, चयनित स्कूल में बाउंड्रीवाल, डायनिंग हाल, बड़े तालाब, शौचालय, नाडेप, सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण कराए जाएंगे। इसे हर सप्ताह गूगलशीट पर भी अद्यतन करना होगा।