50 हड़ताली संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की बर्खास्तगी

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रायपुर
आपदा के समय में यदि शासकीय कर्मी हड़ताल पर जाते हैं तो यह नियम विरूद्ध माना जाता है। यह सभी शासकीय सेवकों को भली भांति मालूम है। इसके बाद भी सरकार उनसे बातचीत के लिए समय मांग रही है फिर भी नहीं माने तो अब कार्रवाई करने सरकार स्वतंत्र हैं। नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत कुमार सिन्हा समेत 50 से ज्यादा कर्मचारियों को बर्खास्त और एफआईआर के आदेश दिए हैं।

बलौदाबाजार सीएमएचओ ने प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य कर्मचारियों के बर्खास्तगी का आदेश जारी किया है। वहीं, बस्तर में चार कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश वहां के सीएमएचओ ने दिए हैं। प्रदेश में 13 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी नियमितीकरण की मांग को लेकर 19 सितंबर से हड़ताल पर हैं।दरअसल, एक दिन पहले ही छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संचालक ने संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को काम पर लौटने का आदेश दिया था। साथ ही कर्मचारी संघ के अनुरोध को ठुकरा कर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। कर्मचारियों ने कोरोना संक्रमण के चलते जनहित में बिना वेतन वॉलेंटरी सर्विस देने की बात कही थी।