315 करोड़ खर्च कर पानी सहेज रहा प्रदेश, वाटरशेड मिशन में MP देश में नं. 2 पर

315 करोड़ खर्च कर पानी सहेज रहा प्रदेश, वाटरशेड मिशन में MP देश में नं. 2 पर

भोपाल
ग्रामीण अंचलों में भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए नदी पुनर्जीवन और वाटरशेड मिशन के तहत चेक डेम, स्टाप डेम बनाने के मामले में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। राजस्थान 345 करोड़ 90 लाख रुपए खर्च कर जहां देश में अव्वल है तो वहीं मध्यप्रदेश 315 करोड़ 62 लाख रुपए खर्च कर दूसरे स्थान पर है।  मध्यप्रदेश में पिछले साल इसमें 174 करोड़ 31 लाख रुपए खर्च हुए थे इस बार मध्यप्रदेश ने पिछले साल की अपेक्षा 141 करोड़ 31 लाख रुपए की राशि ज्यादा खर्च की है।

मध्यप्रदेश में इस समय चालीस नदियों को पुनर्जीवन देने का काम चल रहा है। खंडवा में किए गए कामों को लेकर तो मध्यप्रदेश को देश में पहले स्थान पर नदी पुनर्जीवन में रहने का पुरस्कार भी मिल चुका है।  वाटरशेड मिशन के कामों में मध्यप्रदेश नदियों, जलस्रोतों को पुनर्जीवन देने में लगा हुआ है। सूखी नदियों, जलस्रोतों को साफ करने, वहां जलस्तर बढ़ाने के लिए जगह-जगह चेक डैम, स्टाप डेम बनाए जा रहे है। नदियों में गाद मिट्टी कचरा हटाकर उन्हें साफ करने का काम भी हो रहा है।

वित्तीय वर्ष 20-21 में वाटरशेड मिशन के लिए केन्द्र सरकार ने 84 करोड़ 90 लाख रुपए आवंटित किए है।  वहीं राज्य की हिस्सेदारी 56 करोड़ 60 लाख रुपए की रही है। इस तरह इस साल कुल फंड 141 करोड़ 50 लाख रुपए रहा है लेकिन राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश में कुल 315 करोड़ 62 लाख रुपए खर्च किए है। पुराने बकाया कामों को भी मध्यप्रदेश में तेजी से पुरा किया गया है। इसके चलते इस साल कम आवंटन के बाद भी पिछले साल के काम ज्यादा पूरे कराए गए है। वहीं राजस्थान को इस साल केन्द्र सरकार से 449 करोड़ 90 लाख रुपए का बजट मिला था। राज्य ने 299 करोड़ 93 लाख रुपए की हिस्सेदारी की इस तरह राजस्थान को इस साल कुल 749 करोड़ 83 लाख रुपए मिले और खर्च किए 35 करोड़ 90 लाख रुपए के काम राजस्थान ने किए है।  इस तरह प्राप्त राशि में से खर्च करने के मामले में मध्यप्रदेश अन्य राज्यों से आगे है। आसाम वाटरशेड पर राशि खर्च करने में तीसरे स्थान पर है।