24 घंटे के भीतर पकड़े गए शराब दुकान सुपरवाइजर से लूटकांड के आरोपी

0
7

महासमुंद
शनिवार की सुबह 11 बजे तुमगांव गाड़ाघाट देशी शराब दुकान के 11 लाख 52 हजार रुपए लूट के आरोपी 24 घंटे के अंदर ही पकड़ लिए गए। लूट का मास्टरमाइंड पूर्व सेल्समेन ही निकला। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही लूट की रकम को भी बरामद कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि शनिवार की सुबह लगभग 11 बजे मनीष गुप्ता सुपरवाइजर शासकीय देशी शराब दुकान गाड़ाघाट तुमगांव शराब की राशि 11 लाख 52 हजार रुपए लेकर महासमुन्द बैंक में जमा करने निकला था। रास्ते में गाड़ाघाट नहर किनारे वह लूट का शिकार हुआ और उन्होंने इसकी सूचना तत्काल तुमगांव पुलिस को दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मनीष गुप्ता से घटना के में सारी जानकारी ली। गुप्ता ने पुलिस को बताया कि पहले तो आरोपियों ने उसे बाइक से नीचे गिराया और फिर उसकी आंख में मिर्ची पाउडर झोंककर राशि लूटकर ले गए। पुलिस ने तुमगांव से निकलने वाले सभी रास्तों की नाकेबंदी की और साइबर सेल की टीम को आरोपियों के तलाश के लिए रवाना किया।

साइबर सेल और थाना तुमगांव की टीम ने गाड़ाघाट गांव के आसपास के लोगों से पूछताछ की तो लोगों ने बाइक में प्रार्थी के बताये हुलिया पर तीन व्यक्तियों को नहर की ओर जाते देखना बताया। घटना स्थल से जुड़े रास्तों पर मिले सीसीटीवी फुटेज व अन्य तकनीकी मदद से पता चल गया कि आरोपी घटना पश्चात् समोदा की ओर बढ़े हैं। घटना के संबंध में टीम को यह भी जानकारी मिली कि उक्त शराब दुकान में पूर्व में सेल्स मेन का काम करने वाला विजय मनहर विगत दिन-चार दिनों से शराब भट्टी के आसपास घूमता रहा। उसके साथ अन्य तीन-चार लोग भी दिखे थे, जो कि महासमुन्द जिले के नहीं थे।

प्रार्थी मनीष गुप्ता से विजय मनहर का पूर्व से वाद-विवाद था जिसके चलते आरोपी विजय मनहर प्रार्थी मनीष गुप्ता को नुकसान पहुंचाने का प्लान बना रहा था। चूंकि वह शराब भ_ी में पहले काम कर चुका है इसलिए वह अच्छे से जानता है कि शराब दुकान में रखा पैसा सुपरवाईजर कब जमा करने जाता है व किस रास्ते से जाता है। घटना को अंजाम देने के लिए विजय मनहर ने उक्त शराब दुकान में कार्य करने वाले सेल्समेन राहुल नंदे व राजेश कुमार जांगड़े को भी अपने प्लान में शामिल किया और अपने पहचान वाले देवगांव थाना खरोरा के रहने वाले धनीराम घृतलहरे उर्फ धनी, योगेश घृतलहरे व अमर घृतलहरे को भी अपने साथ शामिल किया।

कल जैसे ही मनीष गुप्ता शराब बिक्री की रकम 11 लाख 52 हजार रुपए लेकर बैंक के लिए निकला, तभी से सेल्समेन राहुल नंदे व राजेश नहर वाले रास्ते में खड़े होकर रेकी कर रहे थे। आरोपी विजय पहले से ही नहर के किनारे वाले रास्ते में खड़ा था और मनीष गुप्ता के आने का इंतजार कर रहा था। कुछ ही दूरी पर विजय मनहर के रायपुर से आये दोस्त धनीराम घृतलहरे उर्फ धनी, योगेश घृतलहरे व अमर घृतलहरे खड़े थे। घटना पश्चात् आरोपी समोदा के रास्ते अपने-अपने घर चले गये। लूटे गये रकम को सभी ने आपस में बांट लिया था। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने लूट की रकम बरामद कर ली है।