सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाई और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए – कलेक्टर

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रायपुर
कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए शहर में किये जा रहे जोनवार कार्यो के साथ जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाई और आवश्यक उपकरण उपलब्धता की शनिवार को कलेक्टर डॉ एस. भारतीदासन ने समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जोनवार सैंपलिंग के लिए लक्ष्य बनाकर कार्य करे। घर मे बुजुर्ग और गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों के संदर्भ में सम्पूर्ण जानकारी रखी जाए।

डॉ. भारतीदासन ने सभी जोन आयुक्तों को निर्देशित किया कि सक्रिय मरीजो की संख्या को ध्यान में रखते हुए आवश्यक समस्त व्यवस्था रखे।उन्होंने कहा कि कोरोना मरीज एप्प के माध्यम से होम आइसोलेशन के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। सबंधित अधिकारी ध्यान रखे कि होम आइसोलेशन की अनुमति देने के पूर्व मरीज के बारे में आवश्यक सभी जानकारी ले,इसमे किसी की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने कहा कि आपदा प्रबंधन कार्य में बाधा पहुंचाने, वांछित अथवा गलत जानकारी देने वालो पर कार्यवाही होगी।आपदा प्रबंधन कार्य में संलग्न अधिकारी-कर्मचारी से आमजन सहयोग करे।

उन्होंने कहा कि शासन द्वारा आदेशों के माध्यम से कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से बचाव एवं रोकथाम के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये गये है। जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर कॉटेक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव सर्विलॉस, कोरोना पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल ले जाने, कन्टेनमेंट जोन बनाने एवं अन्य दायित्व सौपत हुये कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कुछ अधिकारी- कर्मचारी उन्हें सौपे गये दायित्वों के निर्वहन में रूचि नहीं ले रहे है तथा उक्त लापरवाही के साथ-साथ इंसिडेंट कमांडर के निदेर्शों कि अवहेलना करते हुए अनुशासनहीनता एवं आपदा प्रबंधन कार्य में बाधा कारित कर रहे है।ऐसे अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध लघु् दीर्घ शास्ति अधिरोपित करते हुए वेतन में कटौती,रोकने और वेतन वृद्धि रोकने जैसे कार्रवाई की जाएगी।

इसी तरह यदि किसी अधिकारी-्कर्मचारी के द्वारा गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के कारण आपदा प्रबंधन कार्य में गंभीर वाधा उत्पन्न हुई हो तो ऐसे प्रकरणों में संबंधित अधिकारी कर्मचारी को उनके विरुद्ध संबंधित पुलिस थाना में भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51-60, एपिडेमिक डिसीजेज एक्ट 1897 यथासंशोधित 2020 की सुसंगत धाराओं एवं राज्य शासन द्वारा जारी रेगुलेशन 2020 के अधीन एफ.आई.आर. दर्ज कराई जाए। इसी प्रकार आपदा प्रबंधन कार्य में बाधा पहुंचाने, वांछित जानकारी देने से इंकार करने, गलत जानकारी देने अथवा आपदा प्रबंधन कार्य में संलग्न अधिकारी-कर्मचारी से दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध भी उपरोक्तानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।