लखनऊ में सितम्बर के मुकाबले अक्तूबर में एक चौथाई कम हुए कोरोना के केस

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 लखनऊ                                                 
कोरोना वायरस का कहर जिस रफ्तार से सितम्बर में बढ़ा था अक्तूबर में उसी रफ्तार से कम हो रहा है। लखनऊ में सितम्बर में कोरोना संक्रमण के मामले 25 हजार का आंकड़ा पार गए थे। वही अक्तूबर के 12 दिन में यह आंकड़ा पांच हजार के भीतर सिमट गया है। जबकि कोरोना की जांच साढ़े छह हजार से अधिक हो रही है। इससे पता चलता है कि कोरोना वायरस धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है।

मौत का ग्राफ दहाई से घटकर इकाई में पहुंचा

अक्तूबर में संक्रमित मरीजों की मौत का आंकड़ा दहाई से घटकर इकाई में आ गया है। सितम्बर में जहां 10, 12 व 15 मौतें और छह सितम्बर को सर्वाधिक 17 मरीजों की मौत हुई थी। वही अक्तूबर में घटकर यह संख्या तीन से पांच तक पहुंच गई है। पहली सितम्बर को शहर में 760 संक्रमित मरीज मिले थे। पांच सितम्बर को यह आंकड़ा एक हज़ार पार कर गया। 11 सितम्बर को रिकार्ड तोड़  1181 मामले आये। फिर उसके बाद 18 सितम्बर को अब तक सर्वाधिक 1244 संक्रमित मरीज मिले। 

 अक्टूबर से कम होने लगे मरीज

एक अक्टूबर को 596 संक्रमित मरीज मिले। 3 अक्तूबर को 478 मरीज मिले। छह को 428, आठ अक्तूबर को 403 संक्रमित मिले। 10 अक्टूबर के बाद संक्रमित मरीजों का आंकड़ा घटकर 300 से भीतर गया। 10 को 317, 11 को 330 और 12 अक्टूबर को 307 मरीज मिले हैं।

इलाके वार मरीज और हॉट स्पॉट भी घट गए

इंदिरानगर, गोमतीनगर, आलमबाग, रायबरेली रोड, चिनहट,आशियाना, अलीगंज और कैंट समेत शहर के समूचे इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या भारी कमी आयी है। सितम्बर में गोमतीनगर और इन्दिरानगर में मरीजों की संख्या 85 तक पहुंच गई थी। वही अब यह संख्या घटकर 30 के भीतर आ गई है। कई इलाकों में यह संख्या 10 से भी कम हो गई है। सितम्बर में इंदिरानगर में 354, गोमतीनगर में 338 और पीजीआई में 245 हॉट स्पॉट बन गए थे। अक्टूबर ने वह अब घटकर 100 के भीतर आ गए हैं।

ऐसे मिली कामयाबी 

मास्क लगाने के नियम को सख्ती से लागू किया। कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग की रणनीति बदली । हॉटस्पॉट के नियम कानून में बदलाव किया सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी सख्ती बरती गई।