भारत-चीन के बीच तनातनी के बाद सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर बढ़ा दुरुपयोग

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नई दिल्ली
पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत की चीन से तनातनी के बीच बड़ी जानकारी सामने आ रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया है कि पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर महीनों से जारी भारत-चीन के बीच गतिरोध के बाद सोशल मीडिया के दुरुपयोग के मामले में तेजी दर्ज की गई है। गलत जानकारी और प्रोपगैंडा फैलाने के चलते आई टी एक्ट के तहत सितंबर महीने में तकरीबन 500 सोशल मीडिया अकाउंट्स, पेज और वेबसाइट्स को ब्लॉक किया जा चुका है। बता दें कि भारत ने एक के बाद एक तीन तरण में कई चाइनीज ऐप्स को बैन किया है। दरअसल केन्द्र सरकार ने सितंबर में संसद के मॉनसून सत्र के दौरान एक प्रश्न के जवाब में कहा था कि उसने पिछले साल ऐसे 3,635 मामलों को एड्रेस किया है। एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल तक हम सोशल मीडिया पर एक महीने में लगभग 200-250 अकाउंट्स, पेज और वेबसाइट ब्लॉक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस साल, यह आंकड़ा जून में 250, जुलाई में 300, अगस्त में 400 और सितंबर में 500 तक पहुंच गया है।

कई वेबसाइट और पेजों को किया गया ब्लाक
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक 21 सितंबर को रिपोर्ट में कहा था कि मंत्रालय ने संसद को बताया है कि उसने आईटी अधिनियम, 2000 का उल्लंघन करने के लिए पिछले साल सोशल मीडिया पर 3,635 वेबसाइट / पेज / अकाउंट्स को हटा दिया था। मंत्रालय ने कहा था कि 1,385 और 2,799 सोशल मीडिया पेज क्रमशः 2017 और 2018 में ब्लॉक किए गए थे।

चीन के 200 से अधिक ऐप ब्लाक
इसके अलावा, मंत्रालय ने गलवान घाटी में 15 जून को हुई हिंसक झड़प के बाद चीन की 200 से अधिक ऐप को ब्लॉक भी किया है। इन ऐप्स को देश की सुरक्षा के लिए खतरा माना गया था। ब्लॉक की गईं ऐप में से टिकटॉक, पब्जी समेत कई लोकप्रिय चाइनीज ऐप्स हैं। इसके अलावा मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नॉलजी ने अडवाइजरी जारी की है कोई भी बैन चाइनीज ऐप किसी भी रूप में वापस उपलब्ध नहीं होना चाहिए।

LAC पर जारी है तनातनी
भारत-चीन के बीच अप्रैल महीने से एलएसी पर तनातनी जारी है। चार दशक के बाद पहली बार हुआ है, जब सीमा पर सैनिकों ने फायरिंग की हो। वहीं, 15 जून को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। इस टकराव में चीन के भी कई सैनिक मारे गए थे। हालांकि, बाद में भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों को करारा जवाब देते हुए कई अहम चोटियों पर कब्जा जमाते हुए चीन पर बढ़त बना ली है।