नासा का Mars 2020 स्पेस सेंटर से लॉन्च

0
2

फ्लोरिडा
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का मिशन Mars 2020 फ्लोरिडा के केप कनेवरल में केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हो गया है। इस मिशन में Perserverance रोवर को मंगल की सतह पर भेजा जा रहा है। अपने मिशन के दौरान यह रोवर नासा के सतह पर पुराने जीवन की जानकारी इकठ्ठा करेगा। इसके अतिरिक्त यह रोवर मंगल की सतह से पत्थर और मिट्टी को धरती पर भी लेकर आएगा।

ऐस्ट्रोबायॉलजी से जुड़े कई सवालों के जवाब खोजेगा रोवर
NASA का Perseverance ऐस्ट्रोबायॉलजी से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब खोजेगा जिनमें से सबसे बड़ा सवाल है- क्या मंगल पर जीवन संभव है? यह मिशन न सिर्फ मंगल पर ऐसी जगहों की तलाश करेगा जहां पहले कभी जीवन रहा हो बल्कि अभी वहां मौजूद माइक्रोबियल जीवन के संकेत भी खोजेगा।

Perseverance रोवर कोर वहां चट्टानों और मिट्टी से सैंपल लेगा और मंगल की सतह पर एक cache में रख देगा। भविष्य में वहां जाने वाले मिशन इन सैंपल्स को धरती पर वापस लेकर आएंगे। दरअसल, इन सैंपल्स को स्टडी करने के लिए वैज्ञानिकों को बड़े लैब की जरूरत होगी जिसे मंगल पर ले जाना संभव नहीं है।

Perseverance के साथ मंगल पर भेजा जा रहा हेलिकॉप्टर
इस रोवर के साथ Ingenuity नाम का एक छोटा हेलिकॉप्टर भी जा रहा है। जो मंगल की सतह पर अकेले उड़ान भरने का प्रयास करेगा। मंगल के बेहद विरल वातावरण के बीच उड़ान भरने के दौरान यह हेलिकॉप्टर सतह से 10 फीट ऊंचा उठेगा और एक बार में 6 फीट आगे तक जाएगा। हर प्रयास के साथ यह और आगे बढ़ने की कोशिश करेगा।

मंगल पर जीवन की खोज करेगा रोवर
Perseverance रोवर में अत्याधुनिक लैंडिंग तकनीकी से लैस है। इसके अलावा इस रोवर में कई कैमरे और माइक्रोफोन लगे हैं, जो मंगल ग्रह की तस्वीरें और वहां की आवाज को रिकॉर्ड करेंगे। इसमें लगे सुपर-सैनिटाइज्ड सैंपल रिटर्न ट्यूब्स चट्टानों से नमूने इकट्ठा करेंगे जिससे मंगल पर प्राचीन काल में मानव जीवन होने का सबूत ढूंढा जाएगा।

इस मिशन का क्या मकसद?
मिशन ऐसी जानकारियां इकट्ठा करने और टेक्नॉलजी टेस्ट करने का मौका मिलेगा जिनसे आने वाले समय में मंगल पर इंसानों को भेजने की चुनौतियों को आसान करने में मदद मिलेगी। इसमें सबसे अहम होगा मंगल के वायुमंडल में ऑक्सिजन बनाने का तरीका खोजना। इनके अलावा सतह पर पानी खोजना, लैंड करने के बेहतर तरीके इजाद करना, ऐस्ट्रोनॉट्स के रहने लायक मौसम, धूल और पर्यावरण की स्थिति खोजना भी इस मिशन में शामिल है। Perseverance ऐसे प्रोटोटाइप स्पेससूट का मटीरियल भी लेकर जाएगा जिसे भविष्य में ऐस्ट्रोनॉट्स के लिए तैयार करने में इस्तेमाल किया जा सकता है और इस मटीरियल का वहां के हिसाब से टेस्ट करेगा।