गलत कर्लर आपके बालों को पहुंचा सकता है नुकसान, ध्‍यान रखें इन बातों का

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काफी सारी लड़कियां बालों की हेयरस्‍टाइल हमेशा पार्टी और मूड को ध्‍यान में रखकर ही करती हैं। वो लड़कियां जो खुद को हमेशा प्रेजेंटेबल बनाए रखना चाहती हैं, उनके पास स्‍ट्रेटनर और कर्लिंग आयरन जरूर होता है। वैसे भी लड़कियां घने कर्ल के साथ बहुत अच्छी लगती हैं। बालों को तरह-तरह के कर्ल्‍स देने के लिए कर्लिंग आयरन का इस्‍तेमाल काफी आम बात है।

इन दिनों मार्केट में जरूरत के अनुसार इसकी ढेरों वेराइटी उपलब्‍ध हैं। मगर बालों के टाइप के लिए कौन-सा कर्ल आयरन अच्‍छा रहेगा, इस बात की जानकारी लगभग न के बराबर होती है। कर्लिंग आयरन का सिर्फ डिजाइन ही नहीं बल्‍कि कई और खास चीजें भी मायने रखती हैं। एक गलत कर्लिंग आयरन आपके हेल्‍दी और चमकदार बालों को जला भी सकता है। इसलिए चलिए जानते हैं कर्लिंग आयरन खरीदते समय किन खास बातों पर ध्‍यान देना चाहिए।

​हीट सेटिंग
कर्लिंग आयरन लेने से पहले उसकी हीट सेटिंग जरूर चेक कर लें, कि कहीं उसका टेंपरेचर बहुत ज्‍यादा गर्म या ठंडा तो नहीं रहेगा। यदि आपके बाल पहले से डैमेज हैं, तो उस पर हाई सेटिंग में कर्लिंग करना घातक हो सकता है। वहीं, अगर बाल मोटे हैं, तो हाई टेंपरेचर उसके लिए ठीक रहेगा। एक बात का हमेशा ख्‍याल रखें कि जब भी बालों पर किसी भी तरह का हीट स्टाइलिंग टूल इस्‍तेमाल करें, तो हेयर प्रोटेक्‍टंट जरूर प्रयोग करें।

​किस मटीरियल से बना है प्रोडक्‍ट
आम तौर पर कर्लिंग रॉड सिरेमिक से बनाए जाते हैं। ऐसा इसलिए क्‍योंकि यह गर्मी को समान रूप से वितरित करने में मदद करता है। यह पतले बालों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, क्‍योंकि यह हीट को आवश्यकता अनुसार नियंत्रित कर देता है। इसके अलावा टाइटेनियम जैसी कई अन्य सामग्रियां भी हैं , जो हल्के होने के साथ ही हाई हीट टेंपरेचर को आसानी से झेल लेती हैं।

​बैरल का आकार
आपको मार्केट में कई ऐसे कर्ल आयरन मिल जाएंगे जिनमें अलग-अलग आकार की बैरल लगी हुई होंगी। कर्लर का साइज हमेशा अपने बालों की लंबाई और बनावट के आधार पर चुनें। छोटे बालों के लिए 3/4 इंच बैरल उपयुक्‍त मानी जाती है। जबकि 1 इंच बैरल को हर तरह के हेयर साइज के लिए उपयुक्‍त माना जाता है। लंबे बालों वाले लोग डेढ़ इंच के बैरल का विकल्प चुन सकते हैं।

​ब्रांड का रखें ध्‍यान
हमेशा अपने बजट को ध्‍यान में रखकर ब्रांडेड कर्लर का ही चुनाव करें। इस तरह के कर्लर मार्केट में मिलने वाले अन्‍य लोकल कर्लर के मुकाबले बार-बार खराब नहीं होंगे। यही नहीं, इसके पीछे लगने वाली बिजली की भी बचत होगी।

​चुनें सही शेप
बैरल के साइज के अलावा कर्लर का शेप और साइज भी चुना जा सकता है। मार्केट में आपको क्‍लैंप और बिना क्‍लैंप के कर्लर मिल जाएगा। इन दिनों नई टेक्नोलॉजी वाले कर्लर खूब खरीदे जा रहे हैं, जो डैमेज और ड्राय हेयर को देखकर बनाए गए हैं। कोन-शेप का कर्लर बालों को नेचुरल और टाइट कर्ल्‍स देने में मदद करता है।

​पोर्टेबिलिटी
मार्केट में आपको कर्लिंग आयरन के 2 विकल्‍प मिलेंगे, जिसमें से एक जो बिजली पर चलता होगा, जबकि दूसरा बैटरी पर चलने वाला होगा। यदि आप काफी ज्‍यादा ट्रेवल करती हैं, तो आपके लिए पोर्टेबल कर्लिंग आयरन उपयुक्‍त रहेगा।

​किस तरह करें बालों को कर्ल

    सबसे पहली बात जो ध्‍यान रखनी है, वह है कि आपके बाल गीले न रहें। गीले बालों पर कर्ल करने से वह जल सकते हैं।
    कर्ल करने से पहले अपने बालों को सुखा लें और फिर अच्‍छी तरह से कंघी की मदद से सुलझा लें।
    फिर बालों में हेयर स्‍प्रे या कर्लिंग सीरम लगाएं।
    अब बालों के टाइप को ध्‍यान में रखकर हीट सेटिंग का प्रयोग करें।
    फिर बालों को अलग-अलग सेक्‍शन में बांट लें और उनमें क्‍लिप लगा लें।
    अब बालों के एक-एक सेक्‍शन को लेकर कर्ल करती जाएं और इसी विधि से क्‍लिप किए हुए सारे बालों को कर्ल करें।