कोरोना संकट के बीच बिहार चुनाव में उम्मीदवार पोस्टल बैलेट देने और लेने पर रख सकेंगे नजर

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पटना
कोरोना संकट के बीच बिहार में हो रहे आम चुनाव के दौरान 80 वर्ष से अधिक उम्र के वोटरों और दिव्यांगजनों के पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा प्रदान की गई। इसके साथ ही, चुनाव आयोग ने सभी प्रत्याशियों को इस पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने का भी अवसर दिया है। बैलेट पेपर को जारी करने और एकत्र करने की कार्रवाई की उम्मीदवार निगरानी कर सकेंगे।  देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा की पटना में की गई  घोषणा के मुताबिक दिल्ली पहुंचते ही चुनाव आयोग ने पोस्टल बैलेट को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिया। चुनाव आयोग के निर्देश पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार गोपाल मीणा ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को इसके पालन का निर्देश दिया है।

बिहार चुनाव के दौरान पोस्टल बैलेट योग्य मतदाताओं को जारी करने के लिए निर्वाची पदाधिकारी द्वारा बनाई जाने वाली मतदान टीम के कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रत्याशियों को दी जाएगी। आयोग के अनुसार, इस मतदान टीम में दो निर्वाचन कर्मी होंगे। इनमें एक निर्वाचन कर्मी मतदान पदाधिकारी के स्तर का होगा। आयोग के अनुसार प्रत्याशी चाहे तो निर्वाची पदाधिकारी को पहले ही सूचना देकर पोस्टल बैलेट से मतदान की निगरानी रखने के लिए अपने स्तर से बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त कर सकेंगे। पोस्टल बैलेट से मतदान के पूर्व या पोस्टल बैलेट जारी करने के पहले मतदान पदाधिकारी को मतदाता की पहचान सुनिश्चित करनी होगी। मतदाता का नाम, पता, मतदाता सूची से मिलान करने इत्यादि का कार्य कर पूरी तरह संतुष्ट होना होगा और उसकी जानकारी दर्ज करनी होगी। साथ ही, मतदाता बिना किसी दबाव या भय के मतदान कर सके, यह भी सुनिश्चित करना होगा। मतदान के बाद मतदाता का हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान भी लेना होगा। इसके साथ ही मतदाता सूची में सही का निशान लगाकर मतदान संपन्न किये जाने की जानकारी अंकित करनी होगी।