किसानों-मजदूरों के खातों में विभिन्न मदों से पांच हजार करोड़ से अधिक की राशि जमा

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रायपुर। मोदी सरकार एक ओर जहां छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है वहीं दूसरी ओर कोरोना काल में मदद तो दूर की बात छत्तीसगढ़ के बकाया 6 हजार करोड़ भी अभी तक नहीं मिला है वहीं छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार इस आपदा काल में किसानों – मजदूरों के खातों में विभिन्न मदों से पांच हजार करोड़ से अधिक की राशि अभी तक जमा करावा चुके है। उक्त बातें प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहीं।
उन्होंने कहा कि महामारी को नियंत्रित करने किए जा रहे उपायों में अब तक 554 करोड़ की राशि खर्च कर चुकी है। आगे भी महामारी नियंत्रण के उपायों में पैसों की कमी नहीं होगी। साढ़े सात लाख प्रवासी मजदूरों की सकुशल घर वापसी, उनके रहने खाने का इंतजाम रोजगार की व्यवस्था 20 हजार से अधिक कवारेटाइन सेंटरों की व्यवस्था, दूसरे प्रदेशों के 28हजार प्रवासी श्रमिकों को सकुशल उनके घर तक पहुंचाना,पढ़ाई करने राज्य से बाहर गए छात्रों को सकुशल घर वापसी, मनरेगा के माध्यम से 1 दिन में 26 लाख लोगों को रोजगार, प्रत्येक बीपीएल राशन कार्डधारियों को 35 किलो चांवल मुफ्त देना, चना नमक शक्कर एवं सामान्य राशन कार्ड वालों को10 रु किलो में चावल देना। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान उत्पादक किसानों को अंतर की राशि एवं मक्का व गन्ना उत्पादकों को लाभान्वित करना गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर खरीदी कर पशुपालकों को लाभान्वित करना।

कोविड-19 के बचाव के उपायों को पूरा करते हुए तेंदूपत्ता एवँ 31वनोपज  को समर्थन मूल्य में खरीदी करना। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक रेडी टु ईट लॉकडाउन में 47 लाख घरों तक सुपोषित भोजन सामग्री पहुँचाना। सहित अनेक जन हितेषी कार्य को करते हुए छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से सक्षम मजबूत बनाने काम करते हुये  कोविड 19 से लड़ाई लड़ रहे है।

ठाकुर ने कहा कि महामारी काल में मोदी सरकार छत्तीसगढ़ की जनता को किसी प्रकार से सहयोग नहीं मिला है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ने लॉक डाऊन के कारण बंद पड़ी आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए छत्तीसगढ़ के किसान मजदूर महिलाएं व्यापारी कामकाजी महिलाएं ठेला चालक रिक्शा चालक दिहाड़ी मजदूरों को मदद करने के लिए 30 हजार करोड़ की राहत पैकेज की मांग की गई थी लेकिन मोदी सरकार ने अब तक मदद नहीं की है। महामारी संकटकाल से निपटने के स्वास्थ व्यवस्थाओं को और विस्तारित करने लिए 821करोड़ की राशि मांगी थी लेकिन मात्र 85 करोड़  देकर मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के जनता के  स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।प्रधानमंत्री मजदूर गरीब कल्याण योजना से छत्तीसगढ़ को बाहर किया गया।किसान सम्मान निधि से 25 लाख किसानों के नाम को काट दिया गया।पीएम केयर  फंड में छत्तीसगढ़ के सीएसआर फंड की राशि को जबरिया जमा करवा लिया गया और पीएम केयर फंड से नाम मात्र राशि मदद की गई ये छत्तीसगढ़ के ढाई करोड़ जनता के साथ अन्याय है।और भाजपा के सांसद सभी विषयों पर मौन रहकर छत्तीसगढ़ के साथ किये जा रहे भेदभाव का समर्थन कर रहे हैं।