काशी के नाविक परिवारों की मदद को आगे आए सोनू सूद, कहा-कोई भूखा नहीं सोएगा

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वाराणसी 
लॉकडाउन में सैकड़ों लोगों को उनके घर तक पहुंचाने वाले सोनू सूद इस बार काशी के नाविक परिवारों की मदद के लिए आगे आए हैं। वाराणसी के नाविक मार्च में अचानक शुरू हुए लॉकडाउन के समय से ही परेशान हैं। अनलॉक शुरू हुआ लेकिन पर्यटकों की कमी से कमाई का मौका नहीं मिला। वाराणसी या आसपास के जिलों से आने वाले लोग ही नाविकों का सहारा बने। इसी बीच गंगा में बाढ़ की वजह से जिला प्रशासन ने एक बार फ‍िर 15 सितंबर तक के लिए नौका संचालन बंद करा दिया। इसके बाद से ही नाविकों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो गई।

काशी में नाविकों की समस्‍या को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता दिव्‍यांशु उपाध्‍याय ने सोनू सूद को काशी के इन नाविकों के बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी। दिव्‍यांशु ने लिखा था कि वाराणसी के 84 घाटों में 350 कश्ती चलाने वाले परिवार आज दाने-दाने के लिए तरस रहें हैं। इन 350 नाविक परिवारों की आप आख़री उम्मीद हो। गंगा में बाढ़ आने के कारण और मुश्किलें इनकी बढ़ गई है! काशी में 15 से 20 दिन तक इनके बच्चों को भूखे पेट न सोना पडे।

दिव्‍यांशु के पोस्‍ट का संज्ञान लेते हुए अभिनेता सोनू सूद ने घंटे भर में जवाब दिया कि अब नाविकों के परिवार की जिम्‍मेदारी उनकी है। उन्‍होंने पोस्‍ट को शेयर करते हुए लिखा कि वाराणसी के घाटों के यह 350 परिवारों का कोई भी सदस्य आज के बाद भूखा नहीं सोएगा। आज मदद पहुँच जाएगी।

सोनू सूद इससे पहले वाराणसी के कई लोगों को मुंबई से सुरक्षित घर पहुंचा चुके हैं। सिर्फ यही नहीं बल्कि विदेश में फंसे पूर्वांचल के कई छात्रों को भी कोरोना संक्रमण काल में विमान से उनके घर सु‍रक्षित पहुंचा चुके हैं। सोनू ने एक ही दिन में मदद पहुंचाने का आश्‍वासन देकर काशी में नाविकों को मानो संजीवनी दी है।