एमएलसी रीतलाल यादव पटना हाईकोर्ट के आदेश पर जेल से जमानत पर छूटे

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पटना 
एमएलसी रीतलाल यादव शनिवार को बेऊर जेल से शाम छह बजे जमानत पर बरी किये गए। मालूम हो कि पटना हाईकोर्ट ने पिछले दिनों ईडी के चल रहे मनी लांड्रिंग मामले में तय सजा से अधिक दिनों तक न्यायिक हिरासत के तहत जेल में रहने पर आरोपित रीतलाल यादव को जमानत पर मुक्त करने आदेश जारी किया था। इसी आदेश के आलोक में पटना के एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सत्येन्द्र पाडेय ने जेल में बंद रीतलाल यादव को जमानत पर मुक्त करने का आदेश जारी किया। 

रीतलाल दस वर्ष से लगातार न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल के गोदावरी खंड में बंद थे। उनपर कई आपराधिक मामले कोर्ट में लंबित चल रहे हैं और कई आपराधिक मामले में अभियोजन पक्ष उनके आरोप साबित करने में असफल रहा है। कोर्ट ने उन्हें अपराध के आरोप से बरी कर दिया है। कोर्ट में लंबित अन्य आपराधिक मामलों में वे जमानत पर हैं।
 
ईडी ने वर्ष 2012 में रीतलाल यादव पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था। यह एमपीएमएल के विशेष कोर्ट में लंबित चल रहा है। इस मामले में ईडी कोर्ट के समक्ष अपना सभी गवाह पेश कर चुका है। बचाव पक्ष रीतलाल यादव अपना गवाह पेश कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते कोर्ट में न्यायिक कार्य पिछले 5 माह से बंद है, जिससे इस केस की सुनवाई बंद है। इस मामले में तय सजा सात वर्ष से अधिक दिनों से आरोपित रीतलाल यादव न्यायिक हिरासत में थे। पटना हाईकोर्ट ने इसी आधार पर जेल से जमानत पर मुक्त करने का आदेश दिया था। 

4 सितंबर 2010 को पुलिस ने किया था गिरफ्तार 
रीतलाल यादव 4 सितंबर 2010 को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद रीतलाल यादव लगातार बेऊर जेल में बंद थे। बीच में 15 दिनों के लिए बेटी की शादी में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट ने पैरोल पर जाने की अनुमति दी थी। 25 जनवरी 2020 को बेटी की शादी में शामिल होने के लिए जेल मुक्त हुए और फिर 10 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर किया था। 

भाजपा नेता हत्याकांड में हैं आरोपित
रीतलाल यादव भाजपा नेता सत्यनारायण सिन्हा हत्याकांड मामले में भी आरोपित हैं, जिसका ट्रायल चल रहा है। रीतलाल यादव जेल से दानापुर विधानसभा का चुनाव भी लड़े। बाद में वे एमएलएसी बने।