इंडियन मार्केट में स्मार्टफोन्स हो सकते हैं महंगे

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स्मार्टफोन मार्केट तेजी से बदल रहा है और बायर्स के पास हर सेगमेंट में ढेर सारे डिवाइसेज खरीदने का ऑप्शन है। सैमसंग, ऐपल, वीवो, शाओमी और ओप्पो जैसे ब्रैंड्स शानदार फीचर्स वाले ढेर सारे डिवाइसेज ऑफर कर रहे हैं। वैसे तो नया फोन खरीदने के लिए थोड़ा इंतजार करना हमेशा बेहतर माना जाता है लेकिन लेटेस्ट रिपोर्ट्स से भारत में फोन महंगे होने की आहट मिल रही है। ऐसे में नया डिवाइस खरीदने में देर करना आप पर भारी पड़ सकता है।

ज्यादातर नए स्मार्टफोन्स को लॉन्च के कुछ वक्त बाद प्राइस कट मिलता है, या फिर डिस्काउंट पर खरीदा जा सकता है। यही वजह है कि बायर्स फोन खरीदने से पहले किसी सेल या ऑफर का इंतजार करते हैं। अब भारत में स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से डिस्प्ले और टच पैनल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी लगा दी गई है। यानी कि अब कंपनियों को अपने डिवाइसेज के डिस्प्ले मंगवाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।

इतनी बढ़ सकती है कीमत
स्मार्टफोन्स के सबसे महत्वपूर्ण पार्ट पर एक्सट्रा इंपोर्ट ड्यूटी लगाए जाने का असर सभी कंपनियों के फोन्स की कीमत पर भी पड़ेगा। सैमसंग, ऐपल, वीवो, शाओमी, ओप्पो और रियलमी के ढेरों फोन्स ऐसे में महंगे हो सकते हैं। कंपनियों की ओर से कहा गया है कि इस तरह पार्ट्स पर आने वाला खर्च बढ़ने की वजह से फोन की कीमतें 1 प्रतिशत से 5 प्रतिशत के बीच बढ़ सकती हैं। किसी भी डिवाइस के डिस्प्ले और टच पैनल की कीमत उसके प्राइस का 15 से 25 प्रतिशत होती है।

भारत में बनते हैं ज्यादातर फोन
दरअसल, ज्यादातर स्मार्टफोन्स कंपनियां बाहर से अपने फोन का कंपोनेंट्स और हार्डवेयर पार्ट्स मंगवाती हैं और फोन भारत में मैन्युफैक्चर करती हैं। ऐसा करने से फोन पर खर्च कम आता है क्योंकि बने-बनाए फोन बाहर से मंगवाने पर ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी देनी होती है और हर फोन पर ज्यादा खर्च आता है। ऐसे में फोन महंगे होने की बड़ी वजह उसके कंपोनेंट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी लगना बन सकता है। साफ है कि आपको भी स्मार्टफोन्स के लिए ज्यादा कीमत चुकाने के लिए तैयार हो जाना चाहिए।